दुर्घटनाओं पर ब्रेक के लिए रोडवेज के सभी बसों में लगेंगे स्पीड गवर्नर
मनीष कुमार
रेवाड़ी।
सड़कों पर फर्राटा भरने वाली हरियाणा रोडवेज की बसों की गति पर अब ब्रेक लगाने की तैयारी की जा रही है। रोडवेज बसों के दुर्घटनाग्रस्त होने के मामले को देखकर मुख्यालय की तरफ से सभी डिपो से बसों में स्पीड गवर्नर लगाने के निर्देश जारी किए हैं। इस संबंध में 30 मई तक मुख्यालय को रिपोर्ट भी भेजने के निर्देश दिए हैं। रोडवेज डिपो में आने वाली एक बस की उम्र आठ साल होती है। वर्ष 2012 के बाद आई सभी बसों में कंपनी की तरफ से ही स्पीड गवर्नर लगाए हैं जबकि इससे पहले की बसों में स्पीड गवर्नर नहीं है। चंडीगढ़ में पिछले दिनों आयोजित हुई बैठक में परिवहन विभाग के मुख्य सचिव तथा रोडवेज महानिदेशक ने सभी बसों में स्पीड गवर्नर लगाने के निर्देश दिए थे। इसी बीच प्रदेश में कई हादसे हो गए जिसके बाद मुख्यालय की तरफ से तुरंत प्रभाव से सभी बसों में स्पीड गवर्नर लगाने के निर्देश दिए गए हैं। फिलहाल स्पीड गवर्नर वर्ष 2010 से 2012 में आई बसों में लगाए जाएंगे तथा इसके बाद आई बसों में स्पीड गवर्नर है। हालांकि इन नई बसों में स्पीड गवर्नर तो लेकिन कई बार कार्यशाला में काम करते इनमें खामी आने के बाद इनको निष्क्रिय कर दिया जाता है। इस तरह के मामले भी सामने आने के बाद मुख्यालय की तरफ से सख्त हिदायत दी गई है कि तमाम बसों में जिनमें पहले स्पीड गवर्नर नहीं है उनमें लगवाए जाएं तथा जिनमें लगे हुए हैं उनकी स्टेट्स रिपोर्ट भी प्रस्तुत की जाए। मुख्यालय के इन निर्देशों के बाद तमाम डिपो में स्पीड गवर्नर लगाने का तेजी से चल रहा है तथा नई बसों के लिए बाकायदा कंपनियों की तरफ से मेकेनिक भी बुलाए गए हैं जो किसी भी तरह की खामियों को दुरुस्त करके इनको चलाएंगे।
रेवाड़ी के लिए मुसीबत बने हैं बंदर
141 बसों के बेडे़ वाले रेवाड़ी डिपो में इस समय बसों की संख्या पूरी है तथा कुछ पुरानी बसों को छोड़ दें तो नई बसों में स्पीड गवर्नर लगे हैं। यहां की कार्यशाला में बंदरों की संख्या बहुत अधिक है जिसके कारण कई बार बंदर इन बसों की मरम्मत करते समय वायरिंग को भी काट देते हैं। इसकी वजह से रोडवेज को बंदरों की वजह से लगभग हर वर्ष डेढ़ दो लाख रुपये का अतिरिक्त नुकसान उठाना पड़ता है। स्पीड गवर्नर के मामले में भी कई बसों में यही बात सामने आई है। हालांकि अब तमाम बसों में स्पीड गवर्नर दुरुस्त कर दिए हैं।
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वर्ष 2012 के बाद नई बसों में स्पीड गवर्नर कंपनी से ही आ रहे हैं तथा पुरानी बसों में लगवा दिए हैं। रेवाड़ी डिपो की लगभग हर बस में अब स्पीड गवर्नर है। इसकी पालना सुनिश्चित कर दी गई है जिससे बसों की गति भी नियंत्रित रहेगी। - वेद सिंह जाखड़, कार्यशाला प्रबंधक।