अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी/बावल। बावल में नाबालिग की बरामदगी नहीं होने के विरोध में पिछले चार अक्तूबर से जनस्वास्थ्य राज्यमंत्री के आवास के बाहर बैठी बावल चौरासी की 16 अक्टूबर को होने वाली महापंचायत में राज्यमंत्री शामिल नहीं होंगे। इससे पहले 6 अक्टूबर को बावल बंद के दौरान हुई महापंचायत में भी राज्यमंत्री के नहीं पहुंचने पर पंचायत द्वारा जताए गए रोष के बाद दो दिन बाद मंत्री पंचायत में पहुंचे थे और माफी मांगी थी। अब 16 अक्टूबर को चंडीगढ़ में कैबिनेट मीटिंग की वजह से राज्यमंत्री पंचायत में भाग नहीं ले पाएंगे। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया इस मामले में अब अधिक देरी नहीं की जाएगी और राज्य क्राइम ब्रांच इसमें असफल रहती है तो जांच सीबीआई को सौंपी जाएगी।
बावल अनाज मंडी में खरीद व्यवस्था का जायजा लेने के बाद पत्रकारों से बातचीत में डॉ.बनवारीलाल ने कहा कि स्टेट क्राइम ब्रांच द्वारा मामले लेने के बाद अभी तक की प्रगति पर यदि पंचायत संतुष्ट नहीं है तो मामले को सीबीआई को सौंपने कोई देेरी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि इस संबंध में मुख्यमंत्री के साथ डीजीपी से भी उन्होंने बातचीत की है और महापंचायत की भावना से अवगत करा दिया है। डॉ. बनवारीलाल ने कहा कि 16 अक्टूबर को मुख्यमंत्री मनोहर लाल का बधराना कार्यक्रम व्यस्तताओं के कारण रद्द हो गया है।
मांग पर सीएम ने ही थी घोषणा
मनेठी में एम्स में निर्माण के लिए धरने पर बैठी हुई महापंचायत के बारे में उन्होंने कहा कि वे कल चंडीगढ में रहेंगे और इसलिए महापंचायत में भाग नहीं ले पाएंगे। मनेठी में एम्स निर्माण के लिए बावल में हुई मुख्यमंत्री की रैली में में 11 विधायकों व केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के हस्ताक्षर की चिट्ठी मुख्यमंत्री को सौंपी थी जिस पर मुख्यमंत्री ने एम्स की घोषणा की थी। उन्होंने कहा कि दक्षिणी हरियाणा में बडी स्वास्थ्य परियोजना नहीं है इसलिए एम्स जैसी परियोजना की जरूरत है। एम्स निर्माण के लिए मुख्यमंत्री के साथ केंद्रीय मंत्री ने स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा को पत्र लिखा है तथा इसके निर्माण के लिए प्रयास जारी है। डॉ.लाल ने कहा कि मनेठी में एम्स के निर्माण को लेकर अभी सफलता नहीं मिली है मगर पूरी तरह से इनकार भी नहीं हुआ है। ऐसे में संभावना पूरी तरह से समाप्त नहीं हुई और हम इस मामले में लगातार प्रयासरत है।