राष्ट्रीय जूडो प्रतियोगिता तृतीय रहे पारस, सरकार देगी एक लाख का इनाम
अमर उजाला ब्यूरो
खोल। अगर मन में कुछ करने की लगन हो तो बड़े से बड़ा मुकाम हासिल किया जा सकता है। ऐसा ही कर दिखाया है खंड खोल क्षेत्र के गांव भालखी-माजरा के एक मूक बधिर चौथी कक्षा के बच्चे पारस ने। मूक बधिर बच्चों के लिए आयोजित राष्ट्रीय स्तर की जूड़ो प्रतियोगिता में पारस ने तृतीय स्थान प्राप्त कर जिला, गांव अपने माता-पिता का नाम रोशन किया है। रविवार को गांव पहुंचने पर ग्राम पंचायत ने पारस का भव्य स्वागत किया। अपने बेटे के गले में मेडल देख मां की आंखों में खुशी के आंसू आ गए।
भालखी-माजरा के निवासी रमेश कुमार का बेटा पारस जन्म से न ही बोल सकता है और न सही सुन सकता है। लेकिन पारस ने कभी खुद को दूसरे बच्चों से कम नहीं समझा। पारस गुरुग्राम स्थित स्वर्णवाणी कल्याण विद्यालय में चौथी कक्षा का छात्र है। जूड़ो कोच महेंद्र सिंह ने बताया कि 1 से 6 फरवरी तक लखनऊ में मूक-बधिर बच्चों के लिए छठी राष्ट्रीय प्रतियोगिता आयोजित हुई। प्रतियोगिता में हरियाणा की तरफ से छात्र पारस ने भाग लिया। इस प्रतियोगिता में सभी राज्यों से 600 से अधिक खिलाड़ियों ने भाग लिया था। सब जूनियर 30 किलोग्राम भार में पारस ने तृतीय स्थान प्राप्त कर जिला, गांव व अपने माता-पिता का नाम रोशन किया। पारस को सरकार की ओर से एक लाख रुपये का इनाम देकर सम्मानित किया जाएगा। पारस इससे पहले भी रांची में नेशनल लेवल की प्रतियोगिता के अलावा स्टेट लेवल की प्रतियोगिता में भाग ले चुका है। इस मौके पर उनके साथ स्कूल कोऑर्डिनेटर एसपी गिल, प्राचार्य आशीष कुमार, पीटीआई विजय कुमार, कोच महेंद्र सिंह भी मौजूद थे।