रेवाड़ी। आईजीयू से संबंधित गुरावड़ा महिला कॉलेज की छात्राओं की दोबारा कॉपी चेक करने के दौरान 20 अंक तक बढ़े हैं। लेकिन उसके बावजूद भी सभी छात्राएं फेल है। जिसको लेकर इन छात्राओं में रोष है और उन्होंने आरोप लगाया है कि उनकी कॉपी सही ढंग से चेक नहीं की गई हैं।
जून के प्रथम सप्ताह में इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय(आईजीयू) मीरपुर की ओर से बीएससी प्रथम सेमेस्टर का परीक्षा परिणाम घोषित किया गया था। गुरावड़ा कॉलेज में बीएससी द्वितीय वर्ष में पढ़ रही छात्राओं का भी प्रथम सेमेस्टर का रिजल्ट आया, लेकिन इसमें सभी 60 छात्राओं को फेल दिखाया गया था। इसके बाद छात्राओं ने आईजीयू पहुंचकर शिकायत की थी। वीसी ने 10 छात्राओं को बुलाकर उनकी उपस्थिति में कॉपी चेक करवाने का आश्वासन दिया था। कहा था कि यदि 10 में से 6 छात्राओं को नंबर बढ़ते हैं तो सभी छात्राओं को दोबारा कॉपी चेक की जाएगी। छात्रा दीपिका ने बताया कि उसके 20 नंबर बढ़कर 45 हो गए, लेकिन पासिंग मार्क्स 48 रखे गए थे। ऐसे में विवि प्रशासन की ओर से जान बूझकर उनको पास नहीं किया गया। छात्राओं को कहना है कि सभी कॉपियों की जांच दोबारा होनी चाहिए।
राजकीय महिला कॉलेज की छात्राएं भी कर चुकी हैं प्रदर्शन
बीएससी प्रथम सेमेस्टर के परीक्षा परिणाम में गुरावड़ा कॉलेज ही नहीं शहर के सेक्टर-18 स्थित राजकीय महिला महाविद्यालय का रिजल्ट भी कुछ ऐसा ही आया था। परीक्षा परिणाम के बाद यहां की छात्राएं भी विवि में प्रदर्शन करने पहुंची थी। लेकिन परीक्षाओं के चलते मामला ठंडा पड़ गया था। अब ऐसे में विवि छात्र संघ के वाइस प्रेजीडेंट पुष्पेंद्र यादव का कहना है कि रिजल्ट के मामले को लेकर शुक्रवार को वीसी से मिलने गए थे, लेकिन वीसी मौजूद नहीं थे। विवि की ओर से बच्चों को इस तरह से फेल करना गलत है। विद्यार्थियों के हित में उनको न्याय दिलाने के लिए संघर्ष भी करना पड़ा तो किया जाएगा। इधर विवि के परीक्षा विभाग में डीन प्रो. तेज सिंह का कहना है कि वे कुछ दिनों से आईजीयू से बाहर हैं। फैसला विद्यार्थियों के हित में ही लिया जाएगा।