रेवाड़ी। रोहतक में टैंक की सफाई करते समय हुई कर्मी की मौत के बावजूद रेवाड़ी में सीवर सफाई में लगे कर्मचारी बिना सुरक्षा उपकरणों के काम कर रहे हैं। सीवर में उतर समय एक प्वाइंट पर पांच कर्मचारी व एक जेई की मौजूदगी जरूरी होती है। लेकिन जन स्वास्थ्य विभाग का सिस्टम ऐसा है कि शहर के 31 वार्ड पर महज दो जेई ही कार्यरत हैं। जबकि 10 साल पहले की आबादी के हिसाब से ही शहर के लिए 4 जेई की पोस्ट प्रस्तावित हैं। हालात ऐसे हैं कि शहर के 28 वार्ड की जिम्मेदारी एक जेई को दी हुई है। जबकि इन 28 वार्ड से ही प्रतिदिन 8-10 सीवर सफाई की शिकायतें आती हैं। बता दें कि रेवाड़ी में फरवरी- 2018 में सीवर सफाई के दौरान एक ठेके पर लगे कर्मी की मौत हो चुकी है।
सीवर में उतरने से पहले एक्सईएन की अनुमति जरूरी
जन स्वास्थ्य विभाग की ओर से सीवर सफाई के लिए गाइड लाइन बनाई हुई है। लेकिन विभाग की ओर से उपयोग में नहीं लाया जाता है। जन स्वास्थ्य विभाग से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि सीवर सफाई करते समय यदि सेफ्टी बेल्ट का उपयोग कर लिया जाए तो 95 फीसदी तक हादसों पर अंकुश लगाया जा सकता है। बताया जाता है कि यदि एक सफाई कर्मी सीवर के अंदर घुसता है तो चार कर्मचारी बाहर मौजूद रहने चाहिए, इसके अलावा एक कर्मी को बेल्ट पकड़कर बाहर खड़ा रहना पड़ता है। मौके पर एक जेई को मॉनिटरिंग के लिए रहना होता है। इसके अलावा सीवर मे उतरने से पहले विभाग के एक्सईएन की अनुमति जरूरी है।
सफाई के दौरान आक्सीजन मास्क जरूरी
सीवर सफाई के दौरान कर्मियों के पास सुरक्षा उपकरण होना बेहद जरूरी है। लेकिन अक्सर देखा गया है कि सुरक्षा उपकरण होने के बावजूद भी कर्मचारी सीवर में बिना उपकरण चले जाते हैं। सफाई के दौरान कर्मियों के पास सीवर जेटिंग मशीन, ट्राइपोर्ट, आक्सीजन सिलेंडर, सेफ्टी बेल्ट, सेफ्टी मास्क जरूरी होते हैं। जहां पर जहरीली गैस बनने की संभावना होती है, उस सीवर में घुसने से पहले 4-5 घंटे पहले ढक्कन खोलना जरूरी होता है।
संविदा कर्मियों पर निर्भर व्यवस्था, महज 4 स्थायी कर्मचारी
शहर के 31 वार्ड में सीवर सफाई के लिए जन स्वास्थ्य विभाग के पास महज 4 स्थायी कर्मी हैं। इसके अलावा विभाग ने 40 कर्मियों को संविदा पर लगाया हुआ है। हादसों का यह भी एक बड़ा कारण है। ऐसे में विभाग के अधिकारी भी सुरक्षा को लेकर कोई खासा ध्यान नहीं देते हैं, क्योंकि यदि कर्मियों द्वारा सुरक्षा उपकरणों की मांग को लेकर ज्यादा दबाव बनाया जाता है, तो उन्हें नौकरी से हटाने का डर रहता है।
कर्मचारियों को दिए हैं पूरे सुरक्षा उपकरण : एक्सईएन
रेवाड़ी में सीवर सफाई कर्मियों को पूरे सुरक्षा उपकरण दिए हैं। लगातार मॉनिटरिंग भी की जाती है। बात रही दो जेई की ये काम सरकार है। हमारे पास जो संसाधन हैं, उसके अनुसार बेहतर कार्य करने का प्रयास किया जाता है।