रेवाड़ी। जिले के 11 सरकारी, चार सरकारी सहायता प्राप्त और पांच सेल्फ फाइनेंस कॉलेज के अंडर स्नातक में आवेदन करने की अंतिम जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, आवेदनों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। शहर के सबसे बड़े कॉलेजों में से एक सेक्टर-1श8 स्थित राजकीय कन्या महाविद्यालय की कुल 1360 सीटों पर शुक्रवार तक 1105 छात्राएं आवेदन कर चुकी हैं। अहीर कॉलेज की 1180 सीटों पर 900, केएलपी की 1760 सीटों पर 1531 आवेदन आ चुके हैं।
मिशन एडमिशन के तहत हम बात कर रहे है राजकीय महिला कालेज गुरावड़ा की। वर्ष 2010 में अस्तित्व में आए इस कालेज में विभिन्न संकाय के प्रथम वर्ष में 480 सीटों के लिए आवेदन किए जाएंगे। इसके साथ ही जिले के सभी कॉलेजों में बीए प्रथम वर्ष के लिए इस बार 9640 सीटों पर दाखिला होंगे। दाखिला प्रक्रिया 28 जून तक चलेगी।
मिशन एडमिशन के तहत गुरावड़ा स्थित राजकीय महिला कालेज में भी स्नातक स्तर की कक्षाओं के लिए दाखिला प्रक्रिया का शेड्यूल जारी हो चुका है। इच्छुक अभ्यर्थी 28 जून तक अपना ऑनलाइन आवेदन कर सकते है। 8 जून से पोर्टल शुरू हो चुका। इस बार दाखिले के लिए कुछ नियमों में परिवर्तन किया गया है। नए नियम के तहत अगर कोई छात्र ऑनलाइन आवेदन करते समय पांच कालेजों में दाखिला की च्वाइस भरता है तो उसे एक ही कॉलेज मेरिट लिस्ट के आधार पर अलॉट किया जाएगा। जबकि पुराने नियम के अनुसार छात्र को पांचों कॉलेज आवंटित कर दिए जाते थे।
राजकीय महिला कालेज गुरावड़ा में 480 सीटों के लिए प्रवेश
बीए- 280
बीकॉम-80
बीएससी नॉन मेडिकल-80
बीएससी नॉन मेडिकल कंप्यूटर साइंस-40
हेल्प डेस्क की स्थापना
कालेज में नए प्रवेश के लिए आने वाली छात्राओं के लिए कालेज प्रबंधन की ओेर से महाविद्यालय में प्रवेश करते ही हेल्पडेस्क की गई है, जिससे वो एडमिशन से संबंधित कोई भी जानकारी प्राप्त कर सकती है। । इसके साथ ही कालेज में आने वाले नए विद्यार्थियों के साथ कोई सीनियर विद्यार्थी रैंगिंग न करे इसके लिए महाविद्यालय प्रशासन की ओर से सभी विद्यार्थियों को जार्गुक किया जा रहा है।
ये चाहिए आवश्यक दस्तावेज
आधार कार्ड, राशन कार्ड, 10वीं 12वीं का प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, गैप ईयर, डोमोसाइल, पासपोर्ट फोटो, आय प्रमाण पत्र।
प्रवेश शुरू हो चुके है। विद्यार्थियों को किसी प्रकार की कोई परेशानी न हो इसके लिए हेल्पडेस्क की स्थापना की गई है। कुछ छात्राएं साइबर कैफे से पैसे देकर फार्म भरवा रही है जबकि कॉलेज में निशुल्क फॉर्म भरे जा रहे हैं। साइबर कैफे पर भरे गए फार्म में गलतियां हो जाती हैं जिस वजह से बाद में छात्रों को परेशानी उठानी पड़ रही है
- डॉ. प्रताप सिंह , प्राचार्य राजकीय महिला कालेज गुरावड़ा