रेवाड़ी। सभी सार्वजनिक स्थलों जैसे होटल, रेलवे स्टेशन, सभी सरकारी व गैर सरकारी कार्यालय, बस स्टैंड, सिनेमा हॉल, विद्यालयों, महाविद्यालयों सहित सभी सार्वजनिक स्थानों पर सिगरेट, बीडी या अन्य ढंग से धूम्रपान निषेध है। उपायुक्त अशोक कुमार शर्मा ने मंगलवार को जिला सचिवालय सभागार में सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (कोटपा) के बारे में बुलाई गई बैठक में बोल रहे थे।
उन्होंने बताया कि किसी भी सार्वजनिक स्थान के प्रबंधक और इन्चार्ज द्वारा सार्वजनिक स्थान पर धूम्रपान निषेध क्षेत्र है। निषेध क्षेत्र में धूम्रपान करना अपराध है इत्यादि विषय पर चेतावनी बोर्ड लगवाना आवश्यक है ताकि सार्वजनिक स्थान पर लोग धूम्रपान न करे। किसी भी संस्था पर सही आकार व संख्या में अधिनियम अनुसार धूम्रपान मुक्त क्षेत्र के चेतावनी बोर्ड लगवाना तथा मुख्य द्वार पर लगे चेतावनी बोर्ड पर नोडल अधिकारी का नाम और नंबर लिखा होना चाहिए।
किसी भी सार्वजनिक स्थान पर नियमों का उल्लंघन करने पर नोडल अधिकारी द्वारा 200 रुपये तक का जुर्माना करने का प्रावधान है। तंबाकू का प्रयोग जानलेवा साबित हो रहा है इसका दुष्प्रभाव का असर कई बार देर से पता चलता है। तंबाकू से कैंसर, टीबी जैसी जानलेवा बीमारियां होती है। तंबाकू के प्रयोग को रोकने के लिए जागरूकता अभियान चलायें। उन्होंने कहा कि युवा अवस्था में कैंसर जैसी बीमारी के लक्षण पाये जा रहे है जो समाज के लिए ठीक नहीं है। सिगरेट के धुएं से प्रदूषण फैलता है जो आसपास के लोगों को भी नुकसान पहुंचाता है।
उन्होंने बताया कि 31 मई तक विश्व नशा मुक्ति सप्ताह मनाया जा रहा है। इसमें लोगों को ज्यादा से ज्यादा जागरूक करें ताकि तंबाकू व धूम्रपान से होने वाली बीमारियों से बचा जा सकें। बैठक में डॉ. ज्ञानेन्द्र मिश्रा के द्वारा प्रोजेक्टर के माध्यम से कोटपा के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि शिक्षण संस्थान के 100 गज के दायरे में सिगरेट और तंबाकू उत्पादों की बिक्री एक दंडनीय अपराध है जिसका उल्लंघन करने वाले पर 200 रुपये तक जुर्माना हो सकता है। इस बारे चेतावनी बोर्ड शिक्षण संस्थानों द्वारा लगवाये जाने अनिवार्य है। धारा 6 के अन्तर्गत 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्ति को तंबाकू बेचना दंडनीय अपराध है। इस बारे तंबाकू विक्रेताओं द्वारा चेतावनी बोर्ड लगवाये जाने अनिवार्य है। यहां यह भी बतां दे कि वर्ष 2019 में स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोटपा के तहत 3850 रुपये के 35 लोगों पर जुर्माना किया गया है। इस अवसर पर एडीसी प्रदीप दहिया, एसडीएम रेवाडी अलका चौधरी, एसडीएम कोसली अमरदीप जैन, सिविल सर्जन डॉ. कृष्ण कुमार, डॉ. भंवर, डॉ. विजय प्रकाश, डॉ. लाल सिंह व जिला शिक्षा अधिकारी राम कुमार फसलवाल भी उपस्थित रहे।