रेवाड़ी। किसान उत्पादक संगठन तथा स्वयं सहायता समूह के सदस्यों के लिए केंचुआ खाद बनाने और अजोला की खेती पर एक दिवसीय प्रदर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया। समूह के सदस्यों के लिए एक दिवसीय प्रदर्शन सोमवार को नाबार्ड के सहयोग से किया गया।
लार्ड कृष्णा फाउंडेशन की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में किसानों को जागरूक किया गया। जिसमें ग्रीन वर्ल्ड फाउंडेशन के सचिव इंद्राज ने महिला किसानों को वर्मी कंपोस्ट तथा अजोला की खेती के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अब पारंपरिक खेती का समय नहीं रहा। किसानों को पारंपरिक खेती से कोई खास नहीं मिल रही। खेती लगातार घाटे का सौदा बनती जा रही है। अगर समय के साथ चलकर वैज्ञानिक तरीके से खेती करेंगे तो खूब फायदा होगा। आधुनिक तरीके से खेती करने वाले किसानों को अच्छा मुनाफा मिलेगा। लार्ड कृष्णा फाउंडेशन के कार्यालय पर केंचुआ खाद बनाने और अजोला की खेती की एक-एक यूनिट स्थापित की गई। नाबार्ड डीडीएम जगदीश परिहार ने भी महिला किसानों को संबोधित करते हुए वर्मी कंपोस्ट और अजोला की खेती के साथ साथ जैविक खेती को अपनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में जिले के 15 गांव से आई करीब 65 महिलाओं ने भाग लिया।