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साहित्य अकादमी के कार्यक्रम में

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नवोदित कवियों ने काव्य पाठ से दर्शकों में भरा जोश
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
हिंदी साहित्य के पुरोधा रचनाकार बाबू बालमुकंद गुप्त के गांव गुड़ियानी में आयोजित कार्यक्रम सृजन गंगा में नवोदित रचनाकारों ने वीर, करुण एवं हास्य रस की गंगा बहाकर सभी को भाव विभोर कर दिया। ग्रामीण अंचल के नवोदित रचनाकारों को काव्य पाठ का अवसर देने के उद्देश्य से हरियाणा साहित्य अकादमी, पंचकूला के तत्वावधान में कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
मुख्य अतिथि कोसली से विधायक एवं पूर्व मंत्री विक्रम सिंह ने अकादमी के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि इससे ग्रामीण क्षेत्र की प्रतिभाओं को उभरने का मौका मिलेगा। यह कार्यक्रम कोसली क्षेत्र की सामाजिक संस्था प्रेरणा के सहयोग से किया गया। कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि इसमें जहां किशोर छात्रा एवं युवाओं ने उत्साह दिखाया, वहीं वृद्ध भी युवाओं का सा जोश दिखाने में पीछे नहीं रहे।
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हिंदी गद्य के जनक बाबू बालमुकंद गुप्त के गांव गुड़ियानी स्थित महात्मा बुद्ध सीनियर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर की गई। अकादमी के मानद सदस्य और कार्यक्रम संयोजक प्रो. रमेशचंद्र शर्मा के मार्गदर्शन एवं रेवाड़ी के युवा कवि गोपाल वशिष्ठ के प्रबंधन एवं संचालन में चले कार्यक्रम में क्षेत्र के 15 रचनाकारों ने अपनी प्रतिभा दिखाई। अनेक रचनाकार पहली बार मंच पर चढ़े थे। प्रो. शर्मा ने कहा कि नई पीढ़ी को साहित्य से जोड़ना एवं गुणवत्तापूर्ण साहित्य को बढ़ावा देना ही अकादमी का उद्देश्य है। प्रेरणा संस्था के महासचिव सतबीर इंदौरा ने संस्था की गतिविधियों से अवगत कराया तो सांस्कृतिक प्रभारी डॉ. महावीर सिंह ने अतिथियों का परिचय कराया। कार्यक्रम में नवोदित कवियों ने बेटी, मां व पारिवारिक रिश्तों के ताने-बाने का महत्व बताया तो देश के जांबाज सैनिकों एवं राष्ट्र बोध पर भी उनकी वाणी मुखर रही। कन्या भ्रूण हत्या, बुजुर्गो एवं सैनिकों की पीड़ा, प्रकृति की सुंदरता एवं जल संरक्षण का स्वर भी खूब उभरा। इस मौके पर धर्मेंद्र, मंगतराम, सोमवीर, अशोक कुमार, छात्रा पिंकी, अनिता, नवल किशोर, मदनलाल शर्मा, अशोक शास्त्री, जगजीत सिंह, सत्यवान, देशराम, एडवोकेट गुरुदयाल सिंह, दलबीर सिंह, डॉ. महावीर सिंह आदि ने अपनी रचनाओं से समां बांधा। हरियाणवी भाषा एवं हिंदी भाषा का संगम कवियों की कविताओं में दिखाई दिया। कवियों ने कविताओं के माध्यम से बदलते परिवेश को वर्तमान की चुनौती बताया। मुख्य अतिथि ने सृजन-गंगा जैसे कार्यक्रमों को आज की आवश्यकता बताते हुए भावी पीढ़ी से बुजुर्गों एंव देश का सम्मान करने का आह्वान किया। विशिष्ट अतिथि गांव बाबेपुर के सरपंच दिनेश कुमार शर्मा, खुड्डन के कप्तान सिंह ठेकेदार व पूर्व सरपंच विक्रम सिंह जटवाड़ा ने भी इस प्रकार के कार्यक्रम को मील का पत्थर बताया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे स्कूल के प्राचार्य सुरेंद्र सिवाच ने अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों के लिए उनका स्कूल सदैव अग्रणी रहेगा। सहयोगी संस्था प्रेरणा की ओर से अतिथियों को स्मृति चिह्न से सम्मानित किया।
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