संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। विश्व कैंसर दिवस पर 4 फरवरी को कैंसर से बचाव के लिए लोगोें को जागरूक किया जाएगा। कैंसर के मरीजों की लगातार बढ़ रही संख्या को देखते हुए इससे बचाव के प्रति लोगों का जागरूक होना जरूरी है। जिले में कैंसर के कुल 418 मरीज हैं जिनमें 150 स्टेज 3 व 4 में चल रहे हैं। इन्हें पेंशन दी जा रही है।
वर्तमान में जिले में कुल 418 मरीज हैं, इनमें 320 मरीजों को बस पास की सुविधा मिली है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, स्क्रीनिंग के दौरान पीड़ितों में प्रारंभिक लक्षण मिलते हैं तो पुख्ता जांच के लिए उन्हें रोहतक पीजीआई में भेजा जाता है। रेवाड़ी स्थित सिविल अस्पताल में सिर्फ स्क्रीनिंग और शुरुआती समय में उपचार की ही सुविधा है, लेकिन स्टेज बढ़ने पर रेडियोथैरेपी के लिए पीड़ितों को रोहतक पीजीआई या दिल्ली में जाना पड़ता है। विशेषज्ञों के अनुसार पुरुषों में ओरल और महिलाओं में बच्चेदानी व ब्रेस्ट कैंसर के मामले ज्यादा मिल रहे हैं। कैंसर के मामले 35 साल से ज्यादा के उम्र में ज्यादा निकल रहे हैं।
तंबाकू का सेवन, फिजिकल एक्टिविटी की कमी, गलत डाइट, एक्स-रे से निकली हानिकारक किरणों के ज्यादा एक्सपोजर, शारीरिक इंफेक्शन, आनुवांशिक, मोटापा, धूम्रपान और एल्कोहल का सेवन कैंसर का कारण है। इसके साथ ही बढ़ता प्रदूषण भी कैंसर का मुख्य कारण है।
कैंसर के मुख्य लक्षण
कब्ज होना, सामान्य से अधिक दस्त, स्तन या शरीर में गांठ होना, जिनमें दर्द न हो, घाव या छाला न भरना, कहीं से भी असामान्य रक्त बहना, मस्सा (तिल) में अचानक बढ़ोतरी, लगातार खासी व गले में खराश के साथ खून आना कैंसर के लक्षण हैं। कई बार त्वचा पर अजीब दिखने वाले चकत्ते पड़ने लगते हैं, जिसमें पीड़ित व्यक्ति को खुजली का अनुभव भी हो सकता है। यदि कई हफ्तों के बाद भी त्वचा का रंग सामान्य नहीं हो रहा है तो यह त्वचा के कैंसर का लक्षण हो सकता है। इस तरह के लक्षण दिखने पर खून की पूरी जांच, लीवर फंक्शनल टेस्ट, छाती का एक्स-रे, पूरे पेट का अल्ट्रासाउंड, एंडोस्कोपी, सीटी स्कैन, पतली सुई से गांठ के पानी की जांच करवाना, शरीर का टुकड़ा काटकर जांच (बायोप्सी) करानी चाहिए।
वर्जन
नागरिक अस्पताल में कैंसर की स्क्रीनिंग कराई जा सकती है। यहां अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन, बायोप्सी व एफएनएसी जांच होती है। छोटी गांठ का सर्जरी से इलाज हो सकता है। लक्षण दिखने पर अस्पताल में जांच कराई जा सकती है। महिलाओं में बच्चेदानी, सर्वाइकल व ब्रेस्ट और पुरुषों में ओरल कैंसर के मामले ज्यादा मिल रहे हैं।- डॉ. दीपक वर्मा, डिप्टी सिविल सर्जन, रेवाड़ी।