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Rewari News: नहर टूटने से 15 एकड़ कपास की फसल बर्बाद

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गांव बहाला में टूटी नहर से निकलते पानी को बंद करता बुलडोजर।
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कोसली। क्षेत्र का गांव बहाला में बुधवार रात को अचानक नहर टूट गई, जिससे आसपास के कपास के खेतों में पानी जमा हो गया। इससे करीब 15 एकड़ में खड़ी कपास की फसल बुरी तरह से बर्बाद हो गई। नहर का पानी गांव के घरों एवं स्कूल में भी घुस गया। सूचना के बाद सिंचाई विभाग के कर्मचारी रात को ही मौके पर पहुंच गए तथा नहर को ठीक करने में जुट गए हैं। इस पर काबू पा लिया गया है, लेकिन गांव में चारों ओर बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से बर्बाद हुई फसल के मुआवजे एवं दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उधर नाहड़ के नायब तहसीलदार ने मौका मुआयना कर डीसी को रिपोर्ट भेज दी है।
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गांव बहाला के ग्रामीण कृष्ण, जयपाल, महासिंह, सत्यवान, सुरेंद्र ने बताया कि उनके गांव के बीच से सतनाली फीडर की नहर गुजर रही है। रात करीब 12:30 बजे नहर का एक हिस्सा टूटने की जानकारी मिली थी। इसके बाद तुरंत रात में ही सिंचाई विभाग के अधिकारियों को सूचित किया गया। पानी का बहाव इतना तेज था कि कुछ घंटे के अंदर ही पानी गांव के एक साइड के हिस्से तक पहुंच गया। कुछ लोगों के घरों में भी पानी घुस गया, जिससे लोगों को खासी परेशानी हुई। रात दो बजे सिंचाई विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे। रात से ही कर्मचारी नहर को ठीक करने में लगे हुए हैं।
15 एकड़ फसल जलमग्न
ग्रामीणों ने बताया कि नहर के आसपास खेतों में कपास की फसल बुआई की हुई है। करीब 15 एकड़ फसल नहरी पानी के कारण जलमग्न हो गई। गनीमत यह रही कि नहर से कुछ ही दूरी पर खाली जोहड़ है, जिनमें नहरी पानी जाने की वजह से पूरे गांव में नहरी पानी नहीं घुसा। समीप ही एक स्कूल में पानी घुस भी पानी जमा हो गया। नहरी पानी को मिट्टी के कट्टे डालकर रोका गया है। इसके साथ ही नहर को ठीक करने का काम किया जा रहा है।
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तीन बार पहले टूट चुकी नहर
ग्रामीणों ने बताया कि बहाला गांव में नहर पहले भी तीन बार टूट चुकी है। दो माह पहले ही नहर की मरम्मत की गई थी। ग्रामीणों ने कहा कि बार-बार एक ही हिस्सा टूटने के कारण पहले भी किसानों को नुकसान उठाना पड़ा है। विभाग के इसका स्थाई समाधान करने की जरूरत है।
किसानों की मेहनत पर फिरा पानी
खेतों में पानी भरने के कारण किसानों की मेहनत पर भी पानी फिर गया है। किसानों ने कुछ समय पूर्व ही खेतों में कपास की बिजाई की थी। कई खेतों में कपास की पैदावार बहुत अच्छी थी, लेकिन नहर के पानी के बहाव में बस बह गया, जिससे उन्हें बहुत अधिक नुकसान हुआ।
मुआवजे की मांग
किसानों ने कहा कि पानी भरने से खराब हुई फसलों का सर्वे करवा के उचित मुआवजा दिया जाए। पानी भरने के कारण कपास की फसल खराब हो गई, जिससे उन्हें दोहरा नुकसान हुआ है। ये सब प्रशासन की लापरवाही के कारण हुआ है। अब इससे हुए नुकसान की भरपाई भी प्रशासन को ही करनी चाहिए, जिससे उनके परिवारों के सामने भूखा मरने की नौबत न आए।
ऊंचे स्थानों पर पलायन करने को मजबूर ग्रामीण
गांव की बाहरी गलियों में पानी भरने से घरों में रखा सामान भी खराब हो गया। पानी भरने से सबसे अधिक परेशानी बुजुर्गो और बच्चों को हो रही है। उन्हें घरों से निकलने के लिए विवश होना पड़ रहा है। वहीं उन्हें अपना जरूरी सामान उठाकर ऊंचे स्थानों पर पलायन करना पड़ रहा है।
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नहर टूटने से घरों में घुसे पानी व खराब हुई कपास की फसल के नुकसान का मौका मुआयना कर लिया गया है। रिपोर्ट जिला उपायुक्त को भेजी जा रही है।
-अस्तित्व पराशर, नायब तहसीलदार, नाहड़
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