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बगथला: 21 गांवों महापंचायत में भाईचारा कायम रखने तथा बच्चों को स्कूल भेजने पर बनी सहमति....

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21 गांवों की महापंचायत: भाईचारे पर सहमति, बच्चों को स्कूल भेजने पर गुर्जर समाज लेगा निर्णय
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। स्कूली छात्रों से मारपीट की घटना के बाद कसौली और बगथला गांव के बीच कायम तनाव को दूर करके भाईचारा कायम रखने के लिए वीरवार को गांव गढ़ी बोलनी में 21 गांवों की महापंचायत हुई। महापंचायत में आसपास के 21 गांवों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इसमें दोनों गांवों के बीच कायम तनाव को समाज के अच्छा नहीं बताकर इसको दूर करने की पहल की। करीब चार घंटे तक चली पंचायत में दोनों गांवों के बीच आपसी भाईचारा कायम रखने पर सहमति बनी। बच्चों को स्कूल भेजने पर गुर्जर समाज की पंचायत आज निर्णय लेगी। इसके बाद दोनों गांवों के मौजिज लोगों ने भविष्य में एक-दूसरे के गांवों से गुजरने वाले लोगों के साथ मारपीट की घटनाओं को नहीं दोहराने का संकल्प लेकर कहा कि अब इस मामले का आपस में बैठकर निपटारा कर लिया जाएगा।

चार घंटे चली पंचायत ने कम किया तनाव
गढ़ी बोलनी गांव में लोधाना के पूर्व सरपंच जगमाल सिंह यादव की अध्यक्षता में पंचायत सुबह साढ़े नौ बजे शुरू हुई थी। सुबह से ही बारिश का दौर प्रारंभ होने के कारण जिन गांवों के लोगों को बुलाया था, उनके नहीं पहुंचने से पंचायत में मौजूद लोगों की भी चिंता बढ़ गई थी। दोनों गांवों के बीच तनाव काफी बढ़ गया था। इसके बाद गुर्जर प्रतिनिधियों के पहुंचने के बाद 11 बजे पंचायत प्रारंभ की गई। पंचायत में वक्ताओं ने कहा कि आपस में भाईचारा कायम रखना बेहद जरूरी है। महापंचायत में सभी वक्ताओं ने छात्रों के साथ मारपीट की भी निंदा कर कहा कि इस तरह का आचरण बिल्कुल भी जायज नहीं ठहराया जा सकता है। छात्र कोई गलती करते हैं तो भी कम से कम उनके माता-पिता को जानकारी अवश्य दी जानी चाहिए। इसके बाद महापंचायत ने कसौली-बगथला के लोगों से मनमुटाव दूर करने की अपील कर कहा गया कि इस तरह की मारपीट की घटना सही नहीं है। इसके बाद कसौली, बखापुर और अन्य पंचायतों ने कहा कि मारपीट की घटना ठीक नही है। पंचायत इन घटनाओं को रोकेगी। इसके बाद पंचायत प्रतिनिधियों ने आसलवास, कसौला, बखापुर और कसौली गांव के प्रतिनिधियों से अपने बच्चों को भी स्कूल भेजने का आह्वान किया। इस पर उन्होंने कहा कि इस पर बखापुर में होने वाली पंचायत में निर्णय लिया जाएगा।
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दोनों गांवों में बहुत बढ़ गया था तनाव
शनिवार को कसौली-बखापुर और कसौला गांव के छात्रों के साथ की गई मारपीट के बाद दोनों गांवों में काफी तनाव बढ़ गया था। इस दौरान बगथला के जो लोग बावल और रेवाड़ी आने के लिए कसौली गांव से होकर आ रहे थे उनको रास्ते में रोका जा रहा था। उनमें से कई के साथ मारपीट भी की जा रही थी। बगथला गांव की एक महिला प्रोफेसर के साथ भी मारपीट करके उनकी कार का शीशा तोड़ दिया गया था। इसके अलावा अन्य लोगों के साथ मारपीट की गई। मारपीट की इन घटनाओं के बीच दोनों गांवों में तनाव कम होने की बजाय लगातार बढ़ता जा रहा था। उधर मंगलवार को बखापुर गांव में हुई सात गुर्जर गांवों की पंचायत ने भी इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देकर बच्चों को स्कूल नहीं भेजने और आरोपियों की तीन दिन के अंदर गिरफ्तारी नहीं करने पर आंदोलन की चेतावनी दी थी। इसके चलते बगथला गांव में पढ़ने वाले 80 बच्चों में से ज्यादातर बच्चे स्कूल नहीं आ रहे थे। इसी के चलते बुधवार को गढ़ी बोलनी गांव की पंचायत ने मध्यस्थता की भूमिका निभाकर अपने गांव के दादी मां मंदिर में वीरवार को पंचायत का आयोजन किया था। पंचायत में कसौली, बखापुर, कसौला, पीथनवास, लोधाना, खेड़ी, हाजीपुर, संगवाड़ी, मुंडनवास, आसलवास, मुंकुंदपुर बसई, मोतला, इब्राहिमपुर, खेड़ामुरार सहित अन्य गांवों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
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मामलों को लेकर नहीं बनी सहमति
कसौली के छात्रों की शिकायत पर बगथला और बगथला के लोगों की शिकायत पर कसौली के युवकों के खिलाफ दर्ज मामलों को लेकर कोई रास्ता नहीं निकल सका। पंचायत में कई बच्चों के अभिभावक नहीं आ पाए थे। इस विषय में भी बाद में मिल बैठकर इसका भी समाधान करने का निर्णय लिया गया। गढ़ी बोलनी गांव की महापंचायत में हुए निर्णय पर अमल और कसौला स्कूल को अपग्रेड कराने की मांग को लेकर शुक्रवार को बखापुर गांव के मंदिर में फिर पंचायत होगी। पंचायत में आसपास के सात गांवों के गुर्जर समाज के लोग भाग लेंगे। पंचायत में जनस्वास्थ्य राज्यमंत्री डॉ. बनवारीलाल को बतौर मध्यस्थ के रूप में बुलाया गया है। बैठक में पूर्व सरपंच बलबीर सिंह, राजपाल सिंह कसौला, चरण सिंह, राजेश कुमार आसलवास, विक्रम सिंह, रामसिंह, धर्मबीर सिंह, बिजेंद्र बखापुर, रोशनलाल, मदनलाल, नरेश राव सरपंच बोलनी सहित अन्य गांवों के गणमान्य लोग मौजूद रहे।
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