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जनस्वास्थ्य मंत्री ने 454 दिव्यांगों को दिए एक करोड़ के सहायक उपकरण
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
हरियाणा के जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी राज्यमंत्री डॉ. बनवारीलाल ने कहा कि दिव्यांग ईश्वर के प्रतिरूप हैं। इनके कल्याण के लिए सरकार ने कई योजनाएं चला रखी हैं। डॉ. बनवारीलाल बुधवार को बालभवन रेवाड़ी में आयोजित दिव्यांगजन सहायता उपकरण वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में 454 दिव्यांगजनों को एक करोड़ 6 लाख रुपये के सहायक उपकरण प्रदान किए गए।
उन्होंने कहा कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को अधिक से अधिक दिव्यांगजनों तक पहुंचाने के लिए इनकी श्रेणी 7 से बढ़ाकर 21 कर दी है। पहली बार दिव्यांगजनों के लिए मैट्रिक पूर्व व मैट्रिक के बाद और विदेशी छात्रवृत्ति शुरू की गई है। डॉ. बनवारी ने बताया कि दिव्यांगजनों को सरकारी नौकरियों में चार प्रतिशत आरक्षण और उच्च शिक्षा में पांच प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है।
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नौकरियों में बैकलॉग हो रहा पूरा
जनस्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि दिव्यांगजन किसी पर बोझ न बने इसलिए उनके कल्याण के लिए सरकार ने अनेक कदम उठाए हैं। दिव्यांगजनों का नौकरियों में जो बैकलॉक था उसे पूरा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जो 80 प्रतिशत दिव्यांग है, उनको बैटरी की मोटरसाइकिल प्रदान की जा रही है ताकि वह स्कूल, नौकरियों व दूध, अखबार वितरण जैसे कार्य करके अपने आप को स्वावलंबी बना सकें। उन्होंने बताया कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के लिए जिनका शरीर का कोई अंग कार्य करना बंद कर देता है, उसके लिए वेश्री योजना शुरू की है, उनके लिए भी भविष्य में शिविर लगाए जाएंगे। उन्हें किसी सहायक उपकरण की जरूरत है तो उनको नि:शुल्क प्रदान किया जाएगा।
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पहले चरण में बन रहे सौ भवन
उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए देश के पचास शहरों में सुगम्य भारत अभियान के तहत पहले चरण में सौ भवन बनाए जा रहे हैं ताकि दिव्यांगजनों को आने जाने में कोई परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि राष्ट्रव्यापी यह अभियान निशक्तजनों को सार्वभौमिक पहुंच प्राप्त करने, विकास के लिए समान अवसर प्रदान करने, स्वतंत्र जीविका और समावेशी समाज के सभी पक्षों में उनकी भागीदारी में सहायक होगा। अभियान के अंतर्गत राष्ट्रीय राजधानी तथा राज्यों के राजधानियों के सभी सरकारी भवनों के पचास प्रतिशत को जुलाई 2018 तक निशक्तजनों के लिए सुगम बना दिया जाएगा। भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (ऐलिम्को) को 286 करोड़ रुपये खर्च करके आधुनिक बनाया गया है ताकि दिव्यांगजनों के लिए जो भी सहायक उपकरण व कृत्रिम अंग बने वे उत्तम गुणवक्ता के देश में ही बन सकें। इस अवसर पर 170 मोटराइज्ड ट्राई साईकिल, 3 मोटराइज्ड व्हील चेयर, 57 ट्राई साईकिल, 60 व्हील चेयर, 244 सुनने की मशीनें, 13 सीपी चेयर, 124 क्रैचर्स, 18 को एमआर किट, 8 को स्मार्ट कैन, 31 कैलीपर्स, 12 कृत्रिम अंग, 2 एल्बो क्रैचर्स, 24 को वाकिंग स्टीक, 1 को डैजीप्लेयर, 9 को रोलेटर वितरित किए गए।
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सभी को साथ लेकर चलना मकसद
जिला भाजपा अध्यक्ष योगेंद्र पालीवाल ने कहा कि ऐसे शिविर ओर लगाए जाएं ताकि जो हजारों दिव्यांग वंचित रह गये हैं उन्हें इस प्रकार के शिविर का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि दिव्यांग हमारे समाज का अभिन्न अंग हैं। उन सबको साथ लेकर हमें आगे बढ़ना है। एपीसीपीएल के सीईओ एनएन मिश्रा ने कहा कि दिव्यांगजनों के लिए इस प्रकार के शिविर लगाते रहेंगे। उपमंडल अधिकारी ना. कुशल कटारिया ने मंत्री का जिला प्रशासन की ओर से स्वागत करते हुए कहा कि सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जानकारी हासिल करना दिव्यांगजनों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि दिव्यांगों की मदद करना पुण्य का कार्य है। कार्यक्रम में दिव्यांग मानसिंह ने शानदार प्रस्तुति दी।
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