भूख हड़ताल के बाद बर्फ डाल ठंडे पानी से नहाया राजेश, तबीयत बिगड़ी
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
रोडवेज जीएम लाजपत राय पर कार्रवाई की मांग के लिए भूख हड़ताल पर बैठे राजेश शर्मा ने शनिवार शाम करीब चार बजे
बर्फ डाल ठंडे पानी से नहाकर रोष जताया। इस दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई और उन्हें एंबुलेंस में डालकर ट्रामा सेंटर में भर्ती करवाया गया। गौर हो कि जिला रोडवेज महाप्रबंधक लाजपत राय के खिलाफ स्क्रैप के मामले को लेकर कोर्ट परिसर के समीप चल रहा धरना वीरवार को भूख हड़ताल में बदल गया था। इस दौरान रोडवेज कर्मी देवेंद्र तिवाड़ी और समाजसेवी राजेश शर्मा ने भूख हड़ताल शुरू कर दी थी। वे जीएम का ट्रांसफर कर उच्च स्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं।
राजेश पिछले तीन दिन से ठंडे पानी से नहाकर विरोध जताने की बात कह रहा था। शनिवार शाम करीब चार बजे राजेश ने 200 लीटर पानी के टब में बर्फ की तीन सिल्लियां डाल लीं और खुद पर पानी उडे़लने लगा। इस दौरान धरने पर साथ बैठे कुछ कर्मियों ने उन्हें ऐसा न करने की बात कही। वहीं कुछ लोग जिंदाबाद के नारे लगाने लगे। इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। वहीं शनिवार सुबह देवेंद्र की तबीयत बिगड़ गई। वहां पहुंची मेडिकल वैन ने उनकी जांच की।
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दोपहर 12 बजे से बैठा था खुले बदन
इससे पूर्व दोपहर 12 बजे से राजेश धरनास्थल पर ही खाली जगह पर चारों ओर रेखा खींच कपड़े खोलकर कुर्सी पर बैठ गया। उसने कहा कि वह शाम चार और सुबह सात बजे बर्फ के ठंडे पानी से नहाएगा। 12 बजे से उसने मौन व्रत भी धारण कर लिया। ठीक चार बजते ही वह पानी से नहा लिया, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई। वहां मौजूद लोग उसे उठाकर धरने की जगह लाए। कपड़े पहनाने का प्रयास करने पर उसने इन्हें पहनने से इनकार कर दिया। ठीक एक घंटे बाद धरनास्थल पर एंबुलेंस पहुंची। इसके बाद उसे जबरन उठाकर एंबुलेंस में डालकर ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया गया।
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न मां की मानी और न बहन की
धरनास्थल पर पहुंची मां ने उसे घर जाने के लिए कहा, लेकिन उसने मां की बात नहीं मानी। उसका 13 वर्षीय बेटा भी भी वहां पहुंचा। शाम को नहाने के बाद जब राजेश की तबीयत बिगड़ी तो उसकी बहन भी वहां पहुंच गई। भाई की हालत देख वह भी बिखलने लगी। अस्पताल ले जाने पर परिजन भी वहां पहुंचे। राजेश की तबीयत की बात सुन घर पर उसकी पत्नी की भी तबीयत बिगड़ गई। बिठवाना गांव निवासी राजेश वर्ष 2009 से हर साल लद्दाख से इंडिया गेट तक बेटी-बचाओ, बेटी पढ़ाओ का संदेश देने जाता है। इस बार भी अक्तूबर माह में यह संदेश देकर आया था।
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लोग समर्थन देने आते रहे, नहीं पहुंचा कोई अधिकारी
जीएम के खिलाफ सात दिन से चल रहे धरने और तीन दिन से चल रही भूख हड़ताल के बीच कोई भी प्रशासनिक अधिकारी नहीं उनकी बात सुनने नहीं पहुंचा। हालांकि राजनीतिक लोग जरूर अपनी-अपनी तरफ से यहां आकर समर्थन देते रहे।
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जीएम ने रेवाड़ी बस स्टैंड पर पड़े होर्डिंग्स को बिना अनुमति सरकारी वाहन से अन्य जगह पहुंचा दिया। जो सरासर नियमों के खिलाफ है। भ्रष्टाचार के खिलाफ ही हम लोग धरना दे रहे हैं।
देवेंद्र तिवाड़ी, प्रवक्ता, भामस, हरियाणा परिवहन कर्मचारी संघ
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आरोप सरासर बेबुनियाद हैं। होर्डिंग्स कई साल से बेकार थे। इन्हें परमिशन लेकर ही अन्यत्र ले जाया गया। कुछ लोग मामले को वैसे ही तूल दे रहे हैं।
लाजपतराय, जीएम, रेवाड़ी रोडवेज
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समाचार के बाद राजेश को अस्पताल भिजवाया गया है। वहां चिकित्सकों ने तबीयत सही बताई है। उसका उपचार चल रहा है।
कुशल कटारिया, एसडीएम, रेवाड़ी