संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। हरीनगर व भाड़ावास रोड के बीच डालियाकी के निकट बन रहे ओवरब्रिज की दूसरी लेन भी खोल दी गई है। ऐसे में शहर का 14 किलोमीटर लंबा आउटर बाईपास पूरी तरह खुल गया है। इससे अब आवागमन करे वाले लोगों को सहूलियत होगी।
यह बाईपास रेवाड़ी- नारनौल जैसलमेर एनएच-11 का हिस्सा है। इस पर अब कोई बड़ी बाधा शेष नहीं है। अब बाईपास पर निर्बाध आवागमन हो सकेगा। शाहजहांपुर रोड से नारनौल रोड के बीच गांव डालियाकी के निकट फ्रेट कॉरिडोर पर बन रहे इस ओवरब्रिज के एक तरफ का हिस्सा दीपावली से पहले खोलने की तैयारी थी, लेकिन सुरक्षा कारणों से ऐसा नहीं हो पाया था।
इसके बाद सेफ्टी ऑडिट कराने के बाद इसे खोला गया। इससे पहले 1 दिसंबर 2024 को निर्माणाधीन पुल का एक तरफ का हिस्सा (टू-लेन) खोला गया था। उस समय यह पुल आधा ही खुला था। दोनों तरफ के ट्रैफिक को इसी एक साइड की लेन पर चलता जा रहा था। दूसरी तरफ ओवरब्रिज का काम चल रहा था। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद ट्रैफिक शुरू कर दिया गया है।
2020 में 14.1 किलोमीटर के बाईपास के निर्माण प्रक्रिया शुरू हुई थी। इसे बनने में करीब 5 साल का समय लगा है। 800 करोड़ रुपये इस बाईपास की शुरुआती लागत थी। यह बाईपास रोड़ बावल-रोहतक नेशनल हाइवे 352 से शुरू होकर गढ़ी बोलनी रोड, बावल रोड, शाहजहांपुर रोड से होता हुआ एनएच-11 (नारनौल रोड) को जोड़ रहा है।
महेंद्रगढ़ रोड, झज्जर रोड नए बाइपास से कनेक्ट है। दिल्ली-जयपुर एनएच-48 भी एनएच-352 से से पहले से जुड़ा है। इससे सड़कों को शानदार कनेक्टिविटी मिल गई है।