फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शिक्षा निदेशालय के आदेश अलॉट हुए स्कूल नहीं बदले जाएंगे

विज्ञापन
विज्ञापन
रेवाड़ी। शिक्षा विभाग ने आदेश जारी कर दिए हैं कि नियम 134ए में दूर दराज के स्कूल नहीं बदले जाएंगे। अगर किसी विद्यार्थी को दूर का स्कूल आवंटित हुआ है तो उसे वहीं पर दाखिला लेना पड़ेगा। निदेशालय ने अपने आदेश में कहा कि इस तरह की शिकायतों को स्वीकार न किया जाए।
विज्ञापन

नियम 134ए में दाखिला लेने के आवेदकों की समस्याएं कम नहीं हो पा रही। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में वीरवार को नोटिस बोर्ड पर मौलिक शिक्षा निदेशालय के निर्देश चस्पा किए गए हैं। जिसमें लिखा है कि किसी भी विद्यार्थी का स्कूल नहीं बदला जाएगा। जिसे जो स्कूल आवंटित हुआ उसी में दाखिला लेना होगा। दूर दराज के स्कूल बताकर स्कूल बदलवाने की मांग को स्वीकार न किया जाए। इस तरह की शिकायत को निदेशालय न भेजा जाए।
मुख्यालय ने अपने निर्देशों में कहा कि अगर कोई बच्चा उसी स्कूूल में पढ़ रहा है। अब उसे वही स्कूल आवंटित हो गया तो ऐसे बच्चों के दाखिले रोक दिए जाएं। ऐसे बच्चों को नए सिरे से स्कूल आवंटित किए जाएंगे। अगर किसी बच्चे का अंक प्रतिशत, क्लास, जेंडर, बोर्ड, माध्यम गलत आ गया है तो उसकी सूची मुख्यालय भेजें। अगर आवंटित स्कूल बंद हो चुका है तो शिक्षा विभाग उसकी लिस्ट भेजे। अगर आवंटित किए गए स्कूल में सीट भर चुकी हैं तो ऐसे बच्चों को नया स्कूल आवंटित किया जाएगा।
विज्ञापन


17 तक ले सकेंगे दाखिला..
निदेशालय ने अपने निर्देशों में कहा कि आवेदकों को 17 मई से पहले दाखिला लेना होगा। जिन बच्चों के दाखिले किसी त्रुटि के कारण रुके होंगे उसमें 9 मई तक सुधार कर दिया जाएगा। दस मई तक अभिभावकों को मैसेज आना शुरू हो जाएंगे।

दूसरी लिस्ट भी आएगी
जो बच्चे असेस्टमेंट टेस्ट में पास हुए हैं। उनका पहली लिस्ट में नंबर नहीं आया । ऐसे बच्चों के लिए दूसरी लिस्ट जारी होगी। दूसरी लिस्ट 17 मई के बाद आएगी। जिसमें पहली लिस्ट में शामिल आवेदकों को नहीं लिया जाएगा।

अभिभावक बच्चों के साथ लगा रहे चक्कर
वीरवार को 30 से 40 अभिभावक अपनी समस्याओं को लेकर पहुंचे। रजनी के माता पिता ने बताया कि नामचीन
निजी स्कूल उनकी बेटी को दाखिला नहीं दे रहा। अधिकारी भी कुछ जवाब नहीं दे पा रहे। बच्चे को साथ लेकर कभी स्कूल तो कभी जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में चक्कर लगा रहे हैं।

नियम 134ए के आवेदकों की समस्याओं को लेकर ग्रीवेंस सैल बना दी हैं। जिसमें पहली से आठवीं, नौंवी से बारहवीं तक के लिए अलग अलग सैल बनाई हैं। आवेदकों की समस्या को हल करने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यालय के निर्देशों की प्रति बोर्ड पर चस्पा कर दी गई है।
विज्ञापन

आरके फलसवाल, जिला शिक्षा अधिकारी, रेवाड़ी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें