आईटीबीपी जवान का राजकीय सम्मान से किया अंतिम संस्कार
अमर उजाला ब्यूरो
खोल। अरुणांचल प्रदेश में आईटीबीपी की बस पर भारी भरकम पत्थर गिरने से गांव सीहा के एसआई बिजेंद्र का निधन हो गया था। उसका पार्थिव शरीर सोमवार सुबह गांव पहुंचा। हरियाणा पुलिस और आईटीबीपी के जवानों ने उनको सलामी दी। बेटे कुलदीप ने चिता को मुखाग्नि दी।
इस मौके पर कोसली के विधायक एवं पूर्व मंत्री विक्रम सिंह यादव, पूर्व सरपंच व जिला पार्षद के पति विक्रम पांडे, नायब तहसीलदार कन्हैया लाल, सरपंच सीहा राजेंद्र सिंह, मेजर टीसी राव, जिला उप प्रमुख जगफूल यादव, सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक शाखा के प्रबंधक विक्की सिंह, वेद प्रधान, मदनलाल लुहाना सहित क्षेत्र के सैकड़ों लोगों ने शहीद को श्रद्धांजलि दी। विधायक विक्रम सिंह यादव और नायब तहसीलदार कन्हैया लाल ने सैनिक परिवार के प्रति गहरी संवेदना प्रकट की।
पार्थिव शरीर के साथ आए एएसआई रामसिंह ने बताया कि 29 जून को अरुणांचल प्रदेश से हेड क्वार्टर दिल्ली आ रहे 49 बटालियन के जवान जब लेखावाली से सात किलोमीटर पीछे पहाड़ी क्षेत्र में पहुंचे तो एक भारी भरकम पत्थर बस के ऊपर गिर गया। बस चकनाचूर हो गई थी। इस बस में 20 जवान सवार थे। इसमें से पांच की मौत हो गई थी। इसमें एसआई बिजेंद्र सिंह भी शामिल था। उन्होंने बताया कि बिजेंद्र 1996 में आईटीबीपी में भर्ती हुए थे। इस मौके पर आईटीबीपी जाटूसाना सेंटर से 28 बीएन आईटीबीपी से डिप्टी कमांडर संजय कुमार और उनकी टीम ने उनको श्रद्धांजलि दी।
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बेटे का नेवी में चयन होने से खुश था पिता
सैनिक बिजेंद्र के बेटे कुलदीप ने बताया 19 जून को पापा घर से गए थे और शनिवार को फिर वापस घर आ रहे थे। फोन पर पापा से हुई बातचीत में उसने बताया कि उसका नेवी में चयन हो गया। इससे पापा बहुत खुश थे, इसलिए शनिवार को छुट्टी आने वाले थे। कुलदीप को 9 अगस्त की नेवी में ज्वाइन करने जाना था। उसे क्या पता था कि जब वह घर से नेवी की ट्रेनिंग के लिए निकलेगा तो विदा करने के लिए उसके पापा साथ नहीं होंगे।