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बच्चों पर अत्याचार बंद हो, नहीं तो होगा आंदोलन

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बच्चों पर अत्याचार बंद हो, नहीं तो होगा आंदोलन
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अमर उजाला ब्यूूरो
रेवाड़ी।
नियम 134ए के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश पाने वाले बच्चों के साथ संचालकों के भेदभावपूर्ण व्यवहार पर बार एसोसिएशन का गुस्सा फूट पड़ा है। बार एसोसिएशन ने शुक्रवार को इस मामले में उपायुक्त पंकज कुमार को ज्ञापन सौंपकर निजी स्कूलों की मनमानी पर रोक लगाने की मांग की है। नियमों की अवहेलना करने पर ऐसे स्कूलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
बार प्रधान रविंद्र यादव की अगुवाई में उपायुक्त से मिले अधिवक्ताओं ने बताया कि नियम 134ए के तहत जिन बच्चों का स्कूलों में प्रवेश हुआ उनके साथ बेहद घटिया सलूक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन बच्चों को न केवल क्लास से अलग बैठाया जा रहा है अपितु उन्हें अपमानित करके प्रताड़ित किया जा रहा है। इस वजह से तो कई बच्चे मानसिक रूप से भी परेशान हो उठे हैं। उन्होंने कहा कि यह न केवल सरकार के नियमों की सरासर अवहेलना है अपितु बच्चों पर अत्याचार भी है। एसोसिएशन ने कहा की अगर जल्द ही समस्या का समाधान नही हुआ तो जिले के सभी अधिवक्ता आंदोलन करेंगे। उपायुक्त ने कहा कि प्रशासन इस मामले में पूरी तरह से गंभीर है। ऐसे स्कूल संचालकों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी। इस मौके पर प्रधान रविंद्र यादव, उप्रप्रधान राजीव, विशाल यादव, एडवोकेट कैलाश चंद, एडवोकेट कामरेड राजेंद्र सिंह, सुनील कुमार, रमेश कुमार, रजवंत डहीनवाल, कुसुमलता, रमेश यादव, अजय कुमार, पार्षद अमृतकला मौजूद रहे।
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चौथे दिन भी पहुंचे बच्चे और अभिभावक
वीरवार को जो बच्चे डीसी से मिलने पहुंचे थे, उनके अभिभावक शुक्रवार को भी अपने बच्चों के साथ अधिकारियों से मिलने पहुंचे। उपायुक्त ने अभिभावकों के साथ बच्चों से बातचीत करके उनकी समस्या जानी और कहा कि इस मामले में कठोर कार्रवाई की जा रही है।
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