अमर उजाला ब्यूरो
बावल। पिछले वर्ष अक्टूबर से प्रारंभ हुए धरने के बाद भी पुलिस अभी तक मोहनपुर गांव से लापता नाबालिग छात्रा सुराग तक नहीं लगा पाई है। लगातार तीन माह से धरने के बावजूद पुलिस के साथ सरकार द्वारा भी गंभीरता नहीं दिखाने पर विभिन्न संगठनों ने सोमवार को कैंडल र्माच निकालकर पुलिस के खिलाफ रोष जताया। इस दौरान लोगों ने कहा कि बेटी का पता लगाने पर ही धरने से उठेंगे।
गौरतलब है कि उपमंडल के गांव मोहनपुर से छह माह पूर्व लापता नाबालिग छात्रा की बरामदगी नहीं होने के विरोध में धरना-प्रदर्शन जून से ही चला आ रहा है और अक्तूबर से अनिश्चितकालीन धरना जनस्वास्थ्य राज्यमंत्री के आवास के बाहर दिया जा रहा है। मंगलवार को नए साल पर भी राज्यमंत्री के आवास के बाहर धरना जारी रहा। सुबह के समय धरने को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि मोहनपुर गांव से छह माह पूर्व रहस्यमयी तरीकेे से लापता नाबालिग छात्रा की बरामदगी के मामले में पुलिस व स्टेट क्राइम ब्यूरो ने शुरू से ही ढुलमुल रवैया अपनाया था, जिसके कारण इस मामले में अभी सकारात्मक रिपोर्ट सामने नहीं आई है। पुलिस अधिकारियों इस मामले में गंभीरता दिखा रहे है और न ही स्थानीय जनप्रतिनिधी इस मामले को लेकर कोई कार्यवाही कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों द्वारा प्रदेश सरकार के मंत्रियों व पुलिस अधिकारियों की आंखों खोलने के लिए विरोध स्वरूप शाम को कैंडल मार्च का फैसला लेना पड़ा है। इस दौरान प्रधान चेतराम रेवाड़िया, डॉ. एमएल रंगा, आरपी सिंह, हीरा लाल, रामकिशन, मनोज, सुरेश तिहाडा, मूलचंद, बलबीर सिंह, सूरजभान, नित्यानंद, बलजीत, सरपंच सरजीत, ओमप्रकाश, हीरासिंह चौहान, ईश्वर महलावत, संजय सैनी, दिनेश कुमार, चंदन बावल, पूर्ण सिंह, धनपत व प्रताप सिंह आदि मौजूद रहे।
शाम के समय निकाला कैंडल मार्च
दिनभर धरना देने के बाद विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों के साथ बावल चौरासी के पदाधिकारियों ने कैंडल मार्च में भाग लिया। कैंडल मार्च धरनास्थल से प्रारंभ होकर रेलवे रोड, छोटूराम चौक सहित आंबेडकर पार्क में जाकर संपन्न हुआ।