अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। बावल थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी पांच वर्षीय बच्ची का अपहरण कर दुष्कर्म का प्रयास करने वाले आरोपी को दोषी करार देते हुए अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेश कुमार की अदालत ने दस वर्ष की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी पर 13 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। दोषी युवक बच्ची के गांव का ही रहने वाला है।
जानकारी के अनुसार एक मार्च को बावल खंड के एक गांव में शाम को पांच वर्षीय बच्ची घर के बाहर खेल रही थी। इसी दौरान गांव निवासी एक युवक अपनी कार में वहां पहुंचा और बच्ची को घुमाने के बहाने से कार में बैठा लिया था। आरोपी बच्ची को लेकर खेतों की ओर चला गया। बच्ची के लापता होनेे पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। परिजनों को पता लगा कि युवक बच्ची को कार में बैठाकर खेतों की ओर लेकर गया है। बच्ची के परिजन व अन्य ग्रामीण उसे ढूंढते हुए खेत में पहुंचे तो आरोपी युवक उसके साथ दुष्कर्म का प्रयास कर रहा था। परिजनों व ग्रामीणों को देखकर आरोपी ने भागने का प्रयास किया था, लेकिन उसके मौके पर ही काबू कर लिया गया। महिला थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपहरण व पोक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। जांच के बाद पुलिस ने अदालत में चालान पेश किया। पुलिस द्वारा रखे गए साक्ष्यों व गवाहों के बयान के बाद अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेश कुमार की अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए दस वर्ष की कैद व 13 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना ना भरने पर अतिरिक्त सजा का भी प्रावधान किया गया है।