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अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए पूरे रेंज में की जाएगी त्वरित नाकाबंदी : आईजी

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अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए पूरे रेंज में की जाएगी त्वरित नाकाबंदी : आईजी
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। दक्षिण रेंज का कार्यभार संभालने के बाद आईजी श्रीकांत जाधव ने वीरवार को रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, पलवल और मेवात में अपराधों पर अंकुश लगाने की नई कार्ययोजना के साथ मीडिया से मुखातिब हुए। पुलिस लाइन में पत्रकारों से बातचीत में आईजी ने कहा कि हम आंकड़ों में नहीं अपितु समाज का हर व्यक्ति सुरक्षित महसूस करने लगे ऐसी तर्ज पर कानून व्यवस्था में सुधार करेंगे। इसके लिए रेंज के तमाम मोस्टवांटेड अपराधियों की सूची तैयार की जाएगी और सभी जिलों में नाकेबंदी को चुस्त दुरुस्त किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इसी कड़ी में रात को सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। छेड़छाड़ वाले स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात होगा तथा ट्रिपल राइडिंग तथा फैंसी नंबर प्लेट व हूटर लगाकर सड़कों पर रेस लगाने वाले युवकों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिस क्षेत्र में इस तरह की घटनाएं होगी उसमें संबंधित थाना प्रभारी को जिम्मेदार माना जाएगा। उन्होंने कहा कि अक्सर देखने में आया कि पुलिस की पीसीआर तैनात रहती है लेकिन उसमें पुलिसकर्मी नहीं होते हैं या इधर-उधर आराम फरमाते हैं अब जहां पर पीसीआर खड़ी होगी वहां पर वाहनों की चेकिंग की जाएगी। चेकिंग के दौरान चेक वाहनों के नंबर और मोबाइल नंबर रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा।
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नाकाबंदी प्लान को किया जाएगा मजबूत
आईजी ने बताया कि अक्सर अपराधियों के बच निकलने की एक वजह होती है कि नाकाबंदी में काफी समय लग जाता है। इसके लिए तमाम स्थानों पर प्वाइंट तय करके नाकाबंदी की जाएगी। किसी भी घटना के होने पर दस मिनट पर पुलिस वहां पर चेकिंग करना प्रारंभ कर देगी। इसके अतिरिक्त आसपास के जिलों से भी समन्वय करके यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी जिले में वारदात होने पर सभी जिलों में नाकाबंदी हो जाएगी।

गो-तस्करों और डंपर माफिया पर होगी कार्रवाई
आईजी ने कहा गो-तस्करी की घटनाओं पर प्रभावी ढंग से अंकुश लगाने की दिशा में दृढ़ता से कार्य किया जाएगा तथा मेवात पुलिस से सहयोग लेकर ऐसे ठिकानों पर भी कार्रवाई की जाएगी ताकि गो-तस्करी की वारदातों में कमी लाई जा सके। उन्होंने कहा कि गो-तस्करों का निशाना बेसहारा गोवंश होता है जिसको सामाजिक संस्थाओं की मदद से गोद देने का अभियान हिसार की तर्ज पर चलाया जाएगा जिससे एक निश्चित राशि देनी होगी तथा गाय की देखभाल गोशाला में होगी। शहर में समय से पहले डंपरों के प्रवेश पर उन्होंने कहा कि इन पर कार्रवाई की समीक्षा की जाएगी तथा ओवरलोड डंपरों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा।
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दस दिन में मिलेगी एफएसल की रिपोर्ट
निदेशक एफएसल मधुबन का भी जिम्मा संभाल रहे आईजी ने कहा कि पहले डीएनए सहित अन्य एफएसएल रिपोर्ट आने में दो से तीन माह का समय लग जाता है। लेकिन अब व्यवस्था कर दी गई है कि दस दिन के अंदर रिपोर्ट मिल जाएगी। यह मौजूदा स्टाफ को ही प्रोत्साहन देकर किया गया है।
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