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- प्रधानमंत्री आवास योजना के फॉर्म के त्रुटि ठीक कराने जुटी भीड़

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मकान से पहले सब्र का इम्तिहान
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास के लिए आवेदन करने से पहले मंगलवार को शहर के सैकड़ों लोगों को नगर परिषद में अपने सब्र का इम्तिहान देना पड़ा। त्रुटि ठीक कराने के लिए बुलाए गए लोगों की भीड़ देर शाम तक डटी रही। इससे नगर परिषद परिसर में खासी अव्यवस्था का आलम रहा।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जून-जुलाई में आवेदन किए गए थे। इनके फार्म कलेक्शन से लेकर सर्वे तक का जिम्मा यासी कंपनी को दिया गया। आवेदकों के पास पिछले दिनों मोबाइल पर मैसेज आया। इनमें जिन लोगों के फार्म ठीक पाए गए। उनके लिए फॉर्म ओके एवं जिन लोगों के फॉर्म में कमी पाई गई। उसके लिए उन्हें 29 और 30 जनवरी को नगर परिषद कार्यालय में त्रुटि ठीक कराने के लिए बुलाया गया। इसके बाद अपने फॉर्म की त्रुटियां ठीक कराने के लिए सोमवार से ही नगर परिषद में बड़ी संख्या में लोग पहुंचने शुरू हो गए। मंगलवार को अंतिम दिन होने के चलते सुबह से ही लोग विंडो पर खड़े हो गए। कंपनी की ओर से महज एक ही कर्मचारी आने से अव्यवस्था अधिक फैल गई। आनन फानन में नगर परिषद ने से सिटी प्रोजेक्ट ऑफिसर सहित छह लोगों की टीम को इनकी मदद के लिए लगाया गया। इसके बाद भी कई लोग अपने फार्मों के बारे में नहीं जान पाए।
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नप ने कंपलीट फार्म वाले आवेदकों की सूची नहीं चस्पा की
सबसे बड़ी खामी कम्युनिकेश और समय के अभाव की रही। मोबाइल पर मैसेज आने से लोग एकदम परेशान हो गए। त्रुटिवाले तो यहां आए ही। उनके साथ, जिनके फार्म पूर्ण थे वे भी पहुंच गए। वह भी अपनी जानकारी के लिए यहां लाइनों में लगे रहे। वहीं कई आवेदकों ने मोबाइल पर मैसेज ही नहीं आने की शिकायत की। नगर परिषद की ओर से कंपलीट फॉर्म वालों की सूची परिषद परिसर में चस्पा की जानी थी। वह भी नहीं हो सकी, जिससे भी अव्यवस्था फैलती रही।
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कंपनी शुरू से ही रही विवादों में
निजी कंपनी यासी फॉर्म भरने के समय से ही विवादों में रही। फार्म भरने के बाद सर्वे को लेकर नगर परिषद ने कई बार कंपनी अधिकारियों को पत्र लिखे। इसमें नौ अक्तूबर को लिखे पत्र में काम को धीमी गति से एवं ठीक ढंग से नहीं चलाने की बात कही। वहीं 12 अक्तूबर को लिखे पत्र में कंपनी कर्मियों को बार-बार फोन करने के बाद भी कोई जवाब नहीं देने की शिकायत की। 15 अक्तूबर को भी ऐसा ही शिकायती पत्र लिखा गया था।
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तीन तरह के मकान
इस स्कीम के तहत तीन तरह के मकान प्रस्तावित हैं। रेवाड़ी में इसमें अफोर्डेबल हाउसिंग पार्टनरशिप (एएचपी) के तहत 4552 लोगों ने आवेदन किया था। इनमें ससे 3305 फॉर्म पूर्ण एवं 1247 अपूर्ण मिले। बिलो लेवल कंस्ट्रक्शन (बीएलसी) के तहत 802 फार्म भरे गए। इनमें 49 पूर्ण एवं 753 अपूर्ण पाए गए। वहीं क्रेडिट लिंक सब्सिडी सिस्टम (सीएलएसएस) के तहत 213 फॉर्म भरे गए। इनमें से 17 पूर्ण एवं 196 अपूर्ण पाए गए। इन अपूर्ण फॉर्म को पूर्ण कराने के लिए ही बुलाया गया था।
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लोगों की परेशानी उनकी जुबानी
मकान के लिए आवेदन किया था। मैसेज का पता ही नहीं है। चार घंटे से लाइन में लगा खड़ा हूं। कोई कुछ बता भी नहीं रहा है।
शिवचरण, बैजवाड़ा
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कुछ लोग सर्वे करके गए थे। बच्चे का मोबाइल नंबर ले गए। मैसेज का पता नहीं। छह घंटे से लाइन में लगी हूं। कुछ पता नहीं चल पाया है।
मधु, अर्जुन नगर
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कल भी लाइन में लगा रहा। नंबर ही नहीं आया। पहले पुराना मोबाइल था। वह नंबर बदल गया। पता नहीं किस पर मैसेज आया। फार्म का भी पता नहीं।
कन्हैया, शांतिनगर
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मकान के लिए लाइन में खड़े हैं। पता नहीं मिलेगा या नहीं लेकिन अभी परेशानी बहुत है। त्रुटि ठीक कराने के लिए केवल दो दिन का ही समय दिया है।
प्रेम कुमार, कायस्थवाड़ा
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यह बोले अधिकारी
त्रुटियां ठीक कराने के लिए आवेदकों को बुलाया है। सभी जिलों में इतने ही लोग भेजे हैं। हमारी ओर से पूरा काम किया जाएगा।
संदीप, सर्वे हेड, यासी कंपनी
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हमारे पास आज कर्मचारी कम थे। फिर भी नगर परिषद के छह कर्मचारी लगाए गए। तिथि बढ़ाने को लेकर कोई भी निर्णय चंडीगढ़ से लिया जाएगा।
मनोज यादव, ईओ, नगर परिषद
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