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बिजली निगम का

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रेवाड़ी सर्कल हुआ डिजिटल, बिल से लेकर यूनिट का काम ऑनलाइन
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया का प्रभाव दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम लिमिटेड के रेवाड़ी सर्कल पर दिखना शुरू हो गया है। जिले दो लाख चालीस हजार 77 उपभोक्ताओं की ओर से प्रति महीना करीब 80 करोड़ रुपये का बिजली बिल के रूप में जमा किया जाता है। बड़ी बात यह है कि इसमें से 50 करोड़ रुपये से ज्यादा का बिल उपभोक्ताओं द्वारा ऑनलाइन जमा किया जाता है। वहीं निगम ने मीटर रीडिंग लेने में शिकायत मिलने के बाद मीटर रीडिंग सिस्टम को भी हाईटेक कर दिया गया है। जिले भर में अब रीडिग़ भी स्मार्ट फोन की तर्ज पर स्कैन कर ऑनलाइन अपलोड की जा रही है। इसका उपभोक्ता रीडिंग में होने वाली गड़बड़ी से बच सकेंगे।
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33 करोड़ रुपये से बदलेगा आधारभूत ढांचा
दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम की ओर से रेवाड़ी में अक्तूबर महीने से जगमग योजना के तहत शहर की तर्ज पर जिले की ग्राम पंचायत एवं ढाणियां मिलाकर 304 गांवों में एक अक्तूबर से 24 घंटे बिजली देने की योजना है। इसके तहत निगम को फीडरवाइज एटीसी लॉस 20 फीसदी से कम करना है। हालांकि निगम ने वर्ष 2016 के मुकाबले ओवरऑल लॉस को 27.81 से घटाकर 18.60 तक पहुंचा दिया है। चौबीस घंटे बिजली देने के लिए सभी 386 फीडर का अलग-अलग लाइन लॉस 20 फीसदी से कम करना है। हालांकि निगम को सबसे ज्यादा मेहनत गांव के फीडरों पर करनी है। क्योंकि कुछ फीडर को लाइन लॉस 56 फीसदी तक है। इसके लिए निगम ने ब्लू प्रिंट तैयार कर करीब 33 करोड़ रुपये का टेंडर छोड़ने की प्रक्रिया पूरी कर ली है। इस 33 करोड़ से गांव मेें निगम के जर्जर ढांचे को सुदृढ़ करने के साथ नंगे तारों की बजाय केबल तारें डाली जाएंगी। इतना ही नहीं जिले भर में काम कर रहे 220 केवी सब स्टेशनों को अपग्रेड करने के साथ नए पावर स्टेशन बनाने पर भी काम चल रहा है।
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चोरी पकड़ने से जागरूक हुए लोग
रेवाड़ी सर्कल की ओर से जनवरी 2017 से लेकर जुलाई 2017 तक 287.21 लाख रुपये की बिजली चोरी पकड़ी जा चुकी है। वहीं पांच अगस्त तक भी करीब चालीस लाख रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है। अर्थात सात महीने में ती तीन करोड़ रुपये से अधिक की चोरी पकड़ने के साथ 112.70 लाख रुपये वसूले भी जा चुके हैं। निगम की ओर से चोरी पकड़ने की कार्रवाई शुरू करने का असर उपभोक्ताओं पर भी दिखने लगा है। उपभोक्ताओं के जागरूक होने के चलते बीते दिनों में 10 से 15 फीसदी तक बिजली खपत भी कम हो गई है। बीते वर्ष गर्मी के दिनों में जहां महीने की औसतन बिजली रीडिंग करीब 14 करोड़ थी। वहीं वर्ष 2017 में लोड बढ़ने के बावजूद भी औसत 14 करोड़ यूनिट का ही रहा।
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उपभोक्ता हुए हाईटेक, थैंक्यू रेवाड़ी: जाजौरिया
रेवाड़ी सर्कल के एसई राजकुमार जाजौरिया ने बताया कि जिले का लाइन लॉस करने में रेवाड़ी के उपभोक्ताओं का बड़ा योगदान रहा है। निगम की बिजली चोरी की कार्रवाई के बाद लोगों ने एसईडी के साथ नए कनेक्शन भी बहुतायत में लिए हैं। रेवाड़ी के उपभोक्ता हाईटेक हैं। 80 में से 50 करोड़ रुपये आनलाइन जमा करा रहे हैं। निगम की ओर से भी मीटर रीडिंग में गड़बड़ी मिलने की शिकायत के बाद रीडिंग ऑनलाइन अपडेट की जा रही हैं। अक्तूबर में रेवाड़ी में 24 घंटे बिजली देने के लिए 33 करोड़ रुपये से आधारभूत ढंाचे को बदला जाएगा। सीएम मनोहरलाल खट्टर एवं सीएमडी शत्रुजीत कपूर की प्रयासों के बाद ही निगम कर्मी गांवों में चौबीस घंटे बिजली देने की योजना के तहत लाइन लोस कम करने पर काम कर रहे हैं।
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