एनएचएम कर्मियों की हड़ताल से नहीं चल पाई एंबुलेंस
मांगों को लेकर दो दिवसीय हड़ताल के पहले दिन कर्मचारियों ने नागरिक अस्पताल परिसर में धरना देकर किया प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। विभिन्न मांगों को लेकर एनएचएम कर्मचारियों ने मंगलवार को नारेबाजी कर नागरिक अस्पताल में धरना दिया। दो दिवसीय हड़ताल के पहले दिन जिले के सभी एनएचएम कर्मचारी नागरिक अस्पताल में एकत्रित हुए। सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। एनएचएम कर्मियों की हड़ताल सेे स्वास्थ्य सेवाएं पूर्ण रूप से बंद रही, जिससे मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। जिला प्रधान पंकज यादव ने बताया कि एनएचएम कर्मचारी संघ ने 3 और 4 जनवरी की हड़ताल का एलान कर दिया था, लेकिन आला अधिकारियों ने उनकी मांगों पर विचार कर समय पर पूरा करने का आश्वासन दिया था। हड़ताल को स्वाइन फ्लू महामारी फैलने के कारण स्थित कर दिया था, लेकिन कर्मचारी की मांगों पर विभाग द्वारा कोई अमल नहीं हुआ। पंकज यादव ने कहा कि सरकार के रवैये से कर्मचारियों में रोष है।
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पीएचसी में अधिकांश संख्या में एनएचएम कर्मचारी नियुक्त है। ग्रामीण एरिया की पीएचसी में हड़ताल का पूरा असर दिखाई दिया। हड़ताल के पहले दिन पीएचसी में ताला लगा रहा, जिससे ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को परेशानी हुई। इस मौके पर उपप्रधान संतोष, प्रवीन यादव, श्याम शर्मा, मुनेश यादव, योगेश यादव, सचिन खटाना, डॉ. सत्यप्रकाश, डॉ. मनोज, डॉ. अनुराग, रविंद्र, ब्लाक प्रधान शर्मिला, रोजश खिच्ची, बबील यादव, कविता आदि मौजूद रहे।
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लोग रह परेशान
उसने 31 जनवरी को बच्चे को जन्म दिया था। परिजन उसे घर ले जाने के लिए बाहर आए तो एंबुलेंस नहीं मिली। काफी देर तक इधर-उधर भटकते रहे। बाद में खुद के वाहन का इंतजाम कर घर जाना पड़ रहा है।
- नीलम, गांव खंडोडा
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मेरी पत्नी की डिलीवरी हुई है चिकित्सकों ने उसे छुट्टी दे दी। सरकारी एंबुलेंस का इंतजार किया। एंबुलेंस तो खड़ी दिखाई दी, लेकिन चालक नहीं है।
जसवंत, शहर निवासी