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वार्डबंदी : नए नंबरों के साथ आएंगे पुराने चेहरे

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वार्डबंदी : नए नंबरों के साथ नजर आएंगे पुराने चेहरे
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मनीष कुमार
रेवाड़ी।
भले ही पांच साल बाद दोबारा शहर की वार्डबंदी हो रही हो लेकिन इस बार पुराने चेहरे नए वार्ड नंबरों के साथ जनता के सामने आएंगे। चंडीगढ़ में सोमवार देर रात तक चली नई वार्डबंदी के प्रारूप पर बैठक में अंतिम रूप से मुहर लगा दी गई है। शुक्रवार तक नई वार्डबंदी का नोटिफिकेशन हो जाएगा। इसके बाद आपत्तियां मांगी जाएंगी। इन आपत्तियों के बाद वार्डबंदी फाइनल हो जाएगी।

एक लाख 86 हजार की आबादी
नई वार्डबंदी शहर की आबादी के हिसाब से की गई है। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार शहर की आबादी 1 लाख 86 हजार है। नए वार्ड नहीं बनेंगे लेकिन तमाम वार्डों का सीमांकन नए सिरे से किया गया है। इसके बाद अभी तक जो आपत्तियां चली आ रही थीं उनका काफी हद तक समाधान हो जाएगा। नई वार्ड बंदी में भौगोलिक हिसाब से कॉलोनियों को शामिल किया गया है। इसमें उन कॉलोनियों के लोगों के लिए भी राहत की बात रहेगी जो कि किसी अन्य वार्ड नंबर के नजदीक होने के बाद दूसरे वार्ड में शामिल थे। नई वार्डबंदी में इस बात का ख्याल रखा गया है, जिससे अधिकारियों और वार्डबंदी कमेटी के सदस्यों को संभावना है कि आपत्तियों की संख्या अधिक नहीं होगी। वहीं संभावना है कि अगस्त तक नप के चुनाव हो जाएंगे।
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आउटर कॉलोनियों के होंगे 23 वार्ड
पुरानी वार्डबंदी के कई वार्डों में पुराने शहर के साथ आउटर कॉलोनियां भी शामिल थीं जिसकी वजह से पार्षदों का भी गणित कई बार गड़बड़ा जाता था। नई वार्डबंदी में पुराने शहर में आठ वार्ड होंगे। इसमें 52 हजार की आबादी होगी। इसके अतिरिक्त 23 वार्ड आउटर और नियमित हुई कॉलोनियों के होंगे। इन 23 वार्डों में एक लाख 34 हजार की आबादी मतदाता होती। इसमें उनके 26 कॉलोनियों को भी शामिल किया गया जो कि दो साल पहले नियमित हो गई थी। वार्डबंदी के अभाव में इनमें रहने वाले लोग कमेटी की बजाय संबंधित ग्राम पंचायत के ही मतदाता थे।

एससी वार्ड की संख्या बढ़कर हुई 6
एससी-एसटी वर्ग के लोगों को आबादी के हिसाब से 20 फीसदी आरक्षण मिलता है। नई वार्डबंदी में एससी वर्ग के वार्डों की संख्या 5 से बढ़कर 6 हो गई है। अब होने वाले चुनाव में अजा वर्ग के लिए 6 सीटें आरक्षित होंगी। यहां बता दें कि वार्डबंदी से पूर्व अजा वर्ग के लोग इनकी संख्या बढ़ाने की मांग कर रहे थे।

बदलेंगे नंबर लेकिन चेहरे रहेंगे पुराने
सीमांकन की वजह से नई वार्डबंदी के बाद शहर के ज्यादातर वार्डों के नंबर बदल जाएंगे। झज्जर रोड की कॉलोनियों से वार्ड नंबरों की शुरूआती होगी। इसके बाद तमाम निवर्तमान पार्षदों के वार्ड नंबर बदल जाएंगे।
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देर रात तक चली बैठक
नई वार्डबंदी के लिए चंडीगढ़ रात साढ़े 12 बजे तक बैठक हुई। बैठक शहरी निकाय विभाग के उपनिदेशक रणवीर पाराशर, नप के प्रशासक एवं एसडीएम जितेंद्र गांधी, कार्यकारी अधिकारी मनोज यादव, एमई अजय सिक्का, सदस्य पूर्व चेयरमैन विजय राव, शकुंतला भांडोरिया, गुरुदयाल नंबरदार, पूनम सतीजा, विनय यादव शामिल हुए।
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