शाम ढलते ही चौराहों से नदारद हो जाती है पुलिस
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
शाम ढलते ही शहर के चौक-चौराहों से पुलिस नदारत हो जाती है। चौराहों की सुरक्षा भगवान भरोसे होती है। इस दौरान बदमाश वारदात को अंजाम देने के बाद आसानी से फरार हो सकते हैं। पुलिस रातभर गश्त का दावा करती है। कभी नाइट डोमिनेशन तो नाकाबंदी के फोटो खिंचवाकर वाहवाही लेने वाली रेवाड़ी पुलिस की नाइट गश्त की अमर उजाला की तरफ से शुक्रवार रात को की गई लाइव रिपोर्ट की गई, जिसमें पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था की असलियत सामने आई।
रात 9 बजकर 35 मिनट पर संवाददाता ने जिला सचिवालय के समीप राजीव चौक की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। सेक्टर तीन पुलिस चौकी से मात्र तीन सौ मीटर की दूर स्थित चौक पर पुलिस सुरक्षा को कोई इंतजाम नहीं थे।
--
रात 9 बजकर 40 मिनट पर व्यस्ततम बावल रोड चौ. रणबीर सिंह हुड्डा चौक का नजारा भी कुछ ऐसा ही था। चौराहा अंधेरे में डूबा था। अंधेरे चौराहे पर वाहनों का आवागमन देर रात तक लगा रहता है।
---------
9 बजकर 45 मिनट पर पायलट चौक की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया। यहां प्राइवेट अस्पताल होने के कारण लोगों का आवागमन बना हुआ था, लेकिन सुरक्षा के नाम पर ना कोई पुलिस कर्मचारी था और ना ही पुलिस की कोई जिप्सी तैनात थी।
---
11 बजकर 22 मिनट पर शहर के बीच स्थित अंबेडकर चौक का नजारा भी कुछ ऐसा ही दिखाई दे रहा था। हालांकि लोगों का आवागमन बना हुआ था, लेकिन पुलिसकर्मी नदारद थे।
---
रात 11 बजकर 24 मिनट पर शहर के सबसे संवेदनशील धारूहेड़ा चुंगी पर धारूहेड़ा जाने के लिए इक्का-द़ुक्का लोग खड़े थे, लेकिन सुरक्षा के नाम पर पुलिस गायब थी। यह एरिया शहर के संवेदनशील में आता है। आए दिन यहां वारदातें होती रहती हैं।
---
11 बजकर 27 मिनट पर झज्जर चौक की सुरक्षा व्यवस्था भी राम हवाले थी। हालांकि भी पुलिस चौकी नजदीक ही है, लेकिन चौक पर पुलिस कर्मी नदारद थे।
---
11 बजकर 28 मिनट पर शहर के व्यस्ततम चौराहे रेलवे चौक पर लोगों का आवागमन बना हुआ था। स्टेशन नजदीक होने के कारण यहां रात भर लोगों का आवागमन बना रहता है। लेकिन देर पुलिस की ओर से यहां सुरक्षा के नाम पर यहां कोई पुलिस कर्मी नहीं दिखाई दे रहा था।