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निर्धारित बस स्टैण्ड पर बस

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रोडवेज बस चालकों की मनमानी से सैकड़ों विद्यार्थी और ग्रामीण परेशान
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
जिले में यात्रियों की सुविधा पर बसों चालकों की मनमानी भारी पड़ती जा रही है। रेवाड़ी- नारनौल मार्ग पर निर्धारित स्थानों पर रोडवेज बसें नहीं रुकने से ग्रामीणों के साथ-साथ सैकड़ों छात्र-छात्राओं को परेशान होना पड़ता है। इस संबंध में कई बार उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है। इसके बाद भी कोई समाधान नहीं निकल रह है।
रेवाड़ी- नारनौल मार्ग पर 30 से ज्यादा गांवों के करीब 2000 हजार विद्यार्थी और सैकड़ों ग्रामीण गांव से शहर आवागमन करते हैं। इस मार्ग पर करीब 30 बसें रोडवेज और निजी बसें चलती हैं। लेकिन रोडवेज बस चालकों की मनमानी के चलते ये बसें निर्धारित स्टैंड पर नहीं रुकतीं। इसके चलते छात्र-छात्राओं के साथ सैकड़ों ग्रामीणों को बसों की बजाय निजी वाहनों में लटकर आना पड़ता है। इससे जहां उन्हें आवागमन में देरी होती है, वहीं घंटों इंतजार करना पड़ता है। वहीं कई बार मजबूरन लोग चलती बसों के पीछे भागते हैं, जिससे उन्हें चोट भी लग जाती है। इसके बावजूद बस चालक बसों को नहीं रोकते। उल्लेखनीय है कि रेवाड़ी-नारनौल रोड पर आईटीआई, मनेठी उप तहसील सहित कई स्कूल भी हैं।
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इन गांवों में समस्या
रेवाड़ी- नारनौल मार्ग पर पड़ने वाले करीब तीस गांवों में, जिनमें मनेठी, पाड़ला, बासदूदा, खोल, मंदौला, धवाना, अहरोद, ढाणी राधा, ढाणी कोलाणा, नांगल जमालपुर, राता कला, उडिया, जैतपुर, माजरा, भालखी, नांधा, मायण, बलवाड़ी, चीताडूंगरा, महतावास, पोरूला, नंगली, गुर्जर की ढाणी, मांढण, नया गावं, अडिन्द, नानगवास, मोडी, कुंड आदि हैं। इन गांवों के ग्रामीणों और विद्यार्थियों को हर रोज परेशानियों को झेलते हुए स्कूल कॉलेज और अन्य कार्यों के लिए आवागमन करना पड़ता है।
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विद्यार्थी की संख्या अधिक इसलिए नहीं रोकते बसें
जानकारी के अनुसार रेवाड़ी-नारनौल मार्ग पर करीब दो हजार विद्यार्थी रोज स्कूल कॉलेज सहित अन्य संस्थानों में आते जाते हैं, जिनके पास बने हुए हैं। विद्यार्थियों की संख्या अधिक देखकर बस चालक इन गांवों के स्टैंड पर बसें नहीं रोकते, जिसके चलते विद्यार्थियों के साथ- साथ ग्रामीण भी परेशान होते हैं और उन्हें निजी वाहनों के माध्यम से आना जाना पड़ता है। इस दौरान उनका आधा समय तो बस और अन्य परिवहन के साधनों के इंतजार में बर्बाद हो जाता हो जाता है।
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छात्राओं को रहती है ज्यादा परेशानी
समस्या का सामना इन गांवों की छात्राओं को ज्यादा उठाना पड़ता है। छात्र तो किसी तरह बसों के पीछे भागकर उनके पीछे लटक सफर कर लेते हैं। या फिर निजी वाहनों से यात्रा कर लेते हैं। मगर सुरक्षा की दृष्टि से छात्राओं से घंटों बसों का इंतजार करना पड़ता है। ऐसे उन्हें पढ़ाई का नुकसान भी होता है। बसें निर्धारित स्टैंड पर रुकें तो भीड़ भी न हो और लोग आसानी से यात्रा भी कर सकते हैं।
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ऑनलाइन पार्टल और जीएम कार्यलय में दें शिकायत
अगर हमारी रोडवेज की बस की कोई समस्या है तो हमारे पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत करें, उसका तुरंत समाधान किया जाएगा। फिर भी कोई शंका रह जाती है तो कार्यालय में आकर शिकायत दे सकते हैं। मनमानी करने वाले चालकों पर कार्रवाई की जाएगी
रोडवेज महाप्रबंधक बलंवत गोदारा
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