कॉलेज ही नहीं स्कूल जाने वाले विद्यार्थी भी हैं परेशान
अमर उजाला ब्यूरो
कोसली।
कोसली-कनीना मार्ग पर रोडवेज की बस नहीं चलने से कॉलेज ही नहीं स्कूली शिक्षा भी प्रभावित हो रही है। इससे करीब 4500 विद्यार्थी परेशान हैं। इनमें नाहड़ और कोसली के कॉलेजों में जाने वाली दस गांवों की करीब 200 छात्राएं अतिरिक्त हैं। अब इस मार्ग पर बसें नहीं चलने का मामला जोर पकड़ता जा रहा है। कोसली-कनीना मार्ग पर करीब 17 स्कूल संचालित हैं। इसमें पढ़ने के लिए दूर-दूर से बच्चे आते हैं। इस रूट पर बस नहीं चलने से अब समस्या गहराती जा रही है। स्थानीय विधायक बिक्रम सिंह यादव और रोडवेज जीएम ने आश्वासन तो दिया है लेकिन समस्या का समाधान नहीं होने पर बच्चे और अभिभावक परेशान हैं। परेशान लोगों का कहना है कि सर्दी, गर्मी, बरसात समेत सभी मौसम में दस गांवों की बेटियां लटक कर शिक्षण संस्थान जाती हैं। इस बारे में कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया जा चुका है लेकिन आश्वासन के सिवाय कुछ नहीं मिल रहा है। मौसम की मार सहने के अलावा बेटियाें को अन्य परेशानियों का भी सामना करना पड़ता है।
कोसली-कनीना मार्ग पर बसें नहीं चलने से हमारी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इसे शीघ्र चालू कराया जाए। - मनीषा, छात्रा
पढ़ाई में बड़ी बाधा यातायात के साधनों का अभाव है। इनका संचालन जितनी जल्दी हो सके, शुरू करा दिया चाहिए। - रेणु कुमारी, छात्रा
कोसली-कनीना सड़क मार्ग पर रोडवेज की बसों का संचालन हमारी लंबे समय से मांग रही है। हमें विश्वास है हमारी शीघ्र सुनवाई होगी। - यशपाल, सरपंच
कई बार मांग करने के बाद भी इस रूट पर बसें नहीं चल रही हैं। अगर शीघ्र ही बसें नहीं चलीं तो हम आंदोलन कर देंगे। - विक्रम यादव, एक्स बार प्रधान
लगता है बसें चलवाने के लिए फिर से आंदोलन शुरू करना पड़ेगा। इसके सिवाय हमारे पास अब कोई चारा ही नहीं बचा है। - निरमा, महिला
बसें नहीं चलने से बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है। पता नहीं अभी तक बस क्यों नहीं चलाई जा रही। अब तक तो इसे शुरू कर देना चाहिए था।- अमित कुमार, विद्यार्थी