नेशनल ट्रायल के चयनकर्ताओं पर भेदभाव का आरोप, सीएम और खेल मंत्री को भेजी शिकायत
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। शहर निवासी एक खिलाड़ी ने मुख्यमंत्री और खेलमंत्री को शिकायत देकर स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के ट्रायल में राज्य के चयनकर्ताओं पर भेदभाव का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता खिलाड़ी का आरोप है कि चयनकर्ताओं ने स्कूल गेम्स में खेलने वाले खिलाड़ियों की बजाय अपने चहेतों को नेशनल ट्रायल के लिए चुना है। राष्ट्रीय खेलों के लिए 27-28 जुलाई को महाराष्ट्र के नागपुर में ट्रायल का आयोजन किया जाएगा।
शहर की परशुराम कॉलोनी निवासी मोहित कुमार ने ट्रायल में धांधली का आरोप लगाकर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। मोहित ने सीएम विंडो पर दी शिकायत में बताया कि स्कूल गेम्स ऑफ इंडिया की तरफ से 18 से 21 अप्रैल तक मुंबई में आयोजित प्रतियोगिता में हरियाणा की टीम ने छह मैच खेले थे। इस प्रतियोगिता में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को 28-29 जुलाई को कानपुर में होने वाली स्कूल नेशनल ट्रायल के लिए चुना जाना है। मोहित ने बताया कि उसने भी प्रतियोगिता में हरियाणा की टीम की तरफ से मुकाबलों में भाग लिया था। पानीपत निवासी एक गोलकीपर ने किसी भी मैच में हिस्सा नहीं लिया। पानीपत निवासी खिलाड़ी को अतिरिक्त के रूप में शामिल किया गया था। मोहित ने शिकायत में आरोप लगाया कि चयनकर्ताओं की तरफ से उसको बिना खेले ही स्कूल नेशनल ट्रायल के लिए चुन लिया गया है। इसकी वजह से उस सहित अन्य खिलाड़ियों का मनोबल टूटा है। उन्होंने बताया कि इस तरह खेलकूद प्रतियोगिता में भाई-भतीजावाद की वजह से प्रतिभाओं का गला घोंटा जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस मामले में सीएम विंडो के माध्यम से उसे न्याय मिलने की उम्मीद है।