अवैध कट साबित हो रहे जानलेवा
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
दिल्ली-जयपुर नेशनल हाईवे-8 पर अवैध कट और सुरक्षा के आधे अधूरे इंतजाम हादसों का कारण बन रहे हैं। धारूहेड़ा से जयसिंहपुर खेड़ा बार्डर एरिया तक ढाबों और पेट्रोल पंपों के पास अवैध कट जानलेवा साबित हो रहे हैं। बावजूद इसके हाईवे प्राधिकरण से लेकर इस मार्ग का जिम्मा संभालने वाली एजेंसी कतई गंभीर नहीं है। अवैध कटों के कारण इस मार्ग पर रात का सफर बिलकुल भी सुरक्षित नहीं है।
रांग साइड से सोमवार सुबह अजमेर से हरिद्वार जा रही वोल्वो दिल्ली से जयपुर की तरफ से जा रहे ट्राला से टकरा गई। इस हादसे में बस में सवार यात्रियों के साथ ट्राला के चालक और सहायक पिता-पुत्र भी घायल हो गए। रात के समय दिल्ली-जयपुर राजमार्ग पर डंपरों की अधिकता की वजह से जाम के हालात बने रहते हैं। कार और प्राइवेट बसों से लेकर रोडवेज बसों के चालक भी इस जाम से निकलने के लिए अवैध कटों का सहारा लेकर गलत दिशा से पहुंचते हैं। इस बस चालक ने भी ऐसा ही किया लेकिन इसका नतीजा यह हुआ कि जिन यात्रियों को हरिद्वार जाना था वे अस्पताल में पहुंच गए। वहीं अधूरे सुरक्षा इंतजाम की वजह से ट्राला के चालक -सहायक पिता और बेटे को बिना लापरवाही के सजा भुगतनी पड़ी। यह कोई पहली दुर्घटना नहीं है इससे पहले आसलवास गांव के समीप भी एक बस अधूरे सुरक्षा इंतजाम की वजह से नहर में गिर गई थी।
धारूहेड़ा से जयसिंहपुर खेड़ा बार्डर तक है यही हाल
धारूहेड़ा से जयसिंहपुर खेड़ा बार्डर तक का राष्ट्रीय राजमार्ग रेवाड़ी जिले की सीमा में आता है। यहां पर धारूहेड़ा के हीरो होंडा कट से ही इनकी शुरूआत हो जाती है। हीरो होंडा कट के बाद खरखड़ा में भी अवैध कट हैं। खरखड़ा में इससे पहले हुए हादसे के बाद यह कट बंद कर दिया था लेकिन अब इसे फिर खोल दिया गया है। इसके बाद मसानी, खिजूरी, संगवाड़ी व कसौला चौक, ओढ़ी व चांदावास के पास इस तरह के कट हैं जिनसे वाहन सीधे ही मुख्य लेन में आ जाते हैं। डंपरों के जाम की वजह से लोग इन कटों का प्रयोग दूसरी लेन में आने के लिए करते हैं।
सूचना बोर्ड और संकेतक का भी अभाव
हाईवे पर सूचना बोर्ड के साथ संकेत बोर्ड का भी काफी अभाव है। सूचना बोर्ड के अभाव में ज्यादातर वाहन चालकों को संबंधित क्षेत्र के आने की जानकारी ही नहीं मिल पाती है जिसकी वजह कई वाहन चालक को उस क्षेत्र के गुजर जाने के बाद पता चलता है। ऐसे में उन वाहन चालकों के पास गलत दिशा से आने के अलावा कोई उपाय नहीं रहता है।
हादसों का बणीपुर चौक
दिल्ली-जयपुर राजमार्ग पर बावल औद्योगिक क्षेत्र का बस स्टॉप बणीपुर चौक हादसों का चौक बना हुआ है। यहां पर सुरक्षा के इंतजाम की वजह से वाहन चालकों के लिए इस क्रास करना ही बड़ा मुश्किल कार्य है। यहां पर पुल की दरकार है लेकिन कोई कदम नहीं बढ़ा है। इसकी वजह से यहां पर कई लोग जान गंवा चुके हैं।
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हाईवे पर सुरक्षा मानकों की पालना सुनिश्चित करने के लिए हम पिंकसिटी कंपनी के अधिकारियों के साथ तालमेल करते हैं। अवैध कटों को बंद करने के साथ तय प्वाइंटों पर संकेत बोर्ड लगवाए जाएंगे। - हरी सिंह, प्रभारी जिला ट्रैफिक पुलिस