संवाद न्यूज एजेंसी
कोसली। कोसली निवासी स्वतंत्रता सेनानी मंगल सिंह (105) का रविवार को निधन हो गया। वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे। वह नेता जी सुभाष चंद बोस के साथ सैनिक की भूमिका में रह चुके थे। गांव के ही श्मशान घाट पर राजकीय सम्मान के साथ उनकी अंत्येष्टि की गई।
प्रशासन की तरफ से एसडीएम विजय कुमार, नायब तहसीलदार हरिकिशन और एसएचओ कश्मीर सिंह ने पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। पुलिसकर्मियों ने भी सलामी दीई। स्वतंत्रता सेनानी मंगल सिंह का जन्म 5 जनवरी 1921 को एक किसान परिवार में हुआ था।
स्कूली शिक्षा ग्रहण करने के बाद मंगल सिंह 1941 में आईएनए में भर्ती हुए थे। आजाद हिंद फौज की सेवाओं के दौरान मंगल सिंह को जनरल मोहन सिंह, बाबू रास बिहारी बोस, जनरल शाहनवाज खां, जनरल सहगल, ब्रिगेडियर ढिल्लों और नेताजी सुभाष चंद्र बोस के संपर्क में रहने का अवसर मिला था। 20 साल की उम्र में वह सेना में भर्ती हुए थे।
स्वतंत्रता सेनानी मंगल सिंह 1941 से 1945 तक नेता जी सुभाष चंद्र बोस के साथ सैनिक की भूमिका में रहे और अंग्रेजों के खिलाफ देश की आजादी के लिए अपनी भूमिका अदा की थी। 1945 में बर्मा में रंगून सेंट्रल जेल में कैद रहे। बतौर सैनिक जीवनकाल में इन्होंने चार लड़ाइयां लड़ीं।
द्वितीय विश्व युद्ध, भारत-पाक युद्ध 1948, भारत-चीन युद्ध 1962, भारत-पाक युद्ध 1971 में शामिल हुए। मंगल सिंह के दो बेटे धर्मवीर औरउमेद सिंह और दो बेटियां इंदिरा देवी तथा लीलावती हैं। इनकी पत्नी शांति देवी का भी निधन हो चुका है।
सेना में 25 वर्षों की सेवा के बाद मंगल सिंह 1976 में सेवानिवृत्त हुए थे और फिर अपने गांव में खेती-बाड़ी में लग गए थे।