अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। रेवाड़ी-नारनौल राजमार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग का दर्जा मिलने के बाद बुधवार को फोरलेन बनाने के लिए जमीन अधिग्रहण के लिए अवार्ड सुनाया गया। मुआवजा के लिए जिले में पहले हुए आंदोलनों को ध्यान में रखते हुए हाईवे प्राधिकरण ने इस शहर के बाइपास सहित नारनौल रूट पर आने वाले गांवों की जमीन का मुआवजा भी समान रखा है। इसके लिए 34 गांवों की कुल 460 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा और इसके लिए किसानों को 599 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। बुधवार को अंतिम दिन 17 गांवों का अवार्ड सुनाकर किसानों के दस्तावेज जमा किए गए।
रेवाड़ी-नारनौल राजमार्ग को फोरलेन करने के लिए पाड़ला गांव से नारायणपुर गांव तक की जमीन का अधिग्रहण किया गया है। सेक्शन 3 ई के नोटिस जारी करने के बाद अब इस जमीन का मुआवजा वितरित किए जाने के बाद इसका मालिकाना हक हाईवे प्राधिकरण के पास चला जाएगा। इसके अलावा जिला भूमि अर्जन एवं राजस्व अधिकारी कार्यालय की तरफ से 34 गांवों के किसानों को राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम 1956 की धारा 3ई के तहत नोटिस जारी करते हुए किसानों को अवार्ड सुनवाई के लिए बुलाया था। कार्यालय की तरफ से सात दिसंबर को पाड़ला, माजरा मुस्तिल भालखी, भालखी गांव और पाली गांव के किसानों को बुलाया गया था। इसके बाद 10 दिसंबर को गोठड़ा टप्पा खोरी, मामडिया ठेठर, गोबिंदपुरी, खोरी व टींट और 11 दिसंबर को गुमीणा, पीथड़ावास, ढाणी सांतो, ढाणी सुंदरोज, धामलावास, गांगोली और नारायणपुर गांव की जमीन का अवार्ड सुनाया गया था।
बुधवार को इन गांवों का सुनाया गया अवार्ड
बुधवार को एनएच-71 से नारनौल रोड तक बनने वाले शहर के बाइसपास के लिए भी 17 गांवों का अवार्ड सुना गया और किसानों के दस्तावेज जमा किए जाएंगे। अंतिम दिन सहारनवास, हुसैनपुर, डालियाकी, जाटूवास, भाड़ावास, भवाड़ी, कमालपुर, देवलावास, धामलाका, छुरियावास, शहबाजपुर खालसा, बैरियावास, माजरा गुरदास, कालाका, बाम्बड़, मांढैया कलां और डवाना गांव की जमीन की अधिग्रहित जमीन का अवार्ड सुनाया गया।
सड़क से लगती जमीन का 1 करोड़ 64 लाख
हाईवे प्राधिकरण की तरफ से यूं तो जमीन की लोकेशन के अनुसार मुआवजा तय किया गया है लेकिन सबसे अधिक मुआवजा उन किसानों को मिलेगा जिनकी जमीन सड़क के साथ लगी है। सड़क के साथ लगती जमीन वाले किसानों को 1 करोड़ 64 लाख रुपये और सड़क से दो एकड़ अंदर जमीन का मुआवजा 1 करोड़ 37 लाख रुपये तय किया गया है। इसके अतिरिक्त सड़क से अधिक दूर या खेती की जमीन मुआवजा अलग है। शहर के बाइपास और नारनौल फोरलेन के लिए जिले के कुल 34 गांवों की कुल 460 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा और इसके बाद किसानों को 599 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाएगा।