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- आम दिनों से कम रही ओपीडी

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निजी अस्पतालों में ओपीडी रही बंद, नागरिक अस्पताल में व्यवस्था पुख्ता
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। राज्य सरकार की ओर से लागू किए गए सेंट्रल क्लीनिक इस्टेबलिशमेंट एक्ट (सीईए) के विरोध मेें शुक्रवार को जिले के सभी निजी अस्पताल बंद रहे। निजी अस्पतालों में जहां ओपीडी सेवा बंद रही, वहीं केवल इमरजेंसी सेवाएं ही उपलब्ध करवाई जा रही थीं। जानकारी के अभाव में काफी मरीज निजी अस्पताल पहुंचे, जिनको वापस लौटना पड़ा। वहीं नागरिक अस्पताल में निजी डॉक्टरों की एक दिवसीय हड़ताल को देखते हुए पुख्ता इंतजाम किए हुए थे। इसके चलते निजी अस्पतालों में हड़ताल का लोगों पर कुछ ज्यादा प्रभाव नजर नहीं आया।
वहीं नागरिक अस्पताल में मरीजों के लिए खासे इंतजाम किए गए। अस्पताल में एक वार्ड अलग से ओपीडी का बनाया गया। हालांकि हड़ताल के बावजूद भी शुक्रवार को नागरिक अस्पताल में ओपीडी कम रही। आम दिनों में जहां ओपीडी 1300 तक होती है। वह शुक्रवार महज 1015 ही रही। सीएमओ डॉ. कृष्ण कुमार ने भी नागरिक अस्पताल का निरीक्षण किया और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए निर्देश दिए।
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छुट्टियां रद्द, अलग वार्ड बनाया
आईएमए की एक दिवसीय हड़ताल को देखते हुए शहर के नागरिक अस्पताल में व्यवस्था चाक-चौबंद थी। सभी चिकित्सकों की छुट्टियां पहले ही रद्द कर दी गईं। वहीं ओपीडी के लिए एक अलग से भी वार्ड बनाया गया। अन्य ओपीडी में भी डॉक्टरों की संख्या बढ़ाई गई। मेडिसिन विभाग में सात डॉक्टरों की व्यवस्था की गई। केजुअलटी और गायनी ओपीडी में भी इसी तरह डॉक्टरों की संख्या बढ़ाई गई। इससे पूर्व सुबह सीएमओ डॉ. कृष्ण कुमार ने नागरिक अस्पताल का निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल में सफाई व्यवस्था के भी निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल के बाहर एक सूचना बोर्ड लगाने के निर्देश भी दिए ताकि लोगों को अस्पताल का पता लग सके।
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एनएचएम कर्मियों ने भी संभाली कमान
वीरवार शाम एनएचएम कर्मियों की हड़ताल समाप्त होने के बाद शुक्रवार सुबह सभी एनएचएम कर्मी काम पर लौट आए। निजी अस्पतालों की हड़ताल को देखते हुए उन्हेें भी खासे निर्देश दिए गए थे, जिसके चलते उन्होंने भी कमान संभाले रखी। उल्लेखनीय जिले में 416 एनएचएम कर्मी हैं और विभिन्न मांगों को लेकर प्रदेशभर के एनएचएम कर्मी कई दिन से हड़ताल पर थे।
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सीटीएम को दिया ज्ञापन
आईएमए के जिला प्रधान डॉ. करतार सिंह ने बताया कि सीईए के विरोध में जिले के सभी निजी अस्पताल बंद रहे। डेंटल, आयुष केंद्र और डायग्रोस्टिक सेंटर भी बंद रखे गए। इसके बाद मुख्यमंत्री के नाम सीटीएम को और केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के नाम उनके निजी सचिव को भी ज्ञापन प्रेषित किया गया। ज्ञापन में मांग की गई कि अगर इस एक्ट को लागू भी किया जाता है तो इसमें कुछ बदलाव किए जाएं। आगे प्रदेश कार्यकारिणी जिस तरह के निर्देश देगी उसी तरह कार्य किया जाएगा। ज्ञापन देने वालों में डॉ. शिवरतन, डॉ. नरेंद्र, डॉ. आरबी यादव सहित कई डॉक्टर थे।
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नागरिक अस्पताल में पूरी तरह व्यवस्था संभाली गई थी। ओपीडी में अतिरिक्त डॉक्टर तैनात किए गए थे। एक अलग से वार्ड भी बनाया गया। मरीजों को किसी भी तरीके की परेशानी नहीं दी गई।
डॉ. सुदर्शन पंवार, एसएमओ, नागरिक अस्पताल, रेवाड़ी
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