संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। पुत्रवधू के साथ छेड़खानी व दुष्कर्म करने के मामले में दोष सिद्ध किए गए ससुर को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेंद्र पाल की अदालत ने 10 साल की कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 14 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं भरने पर दोषी को अतिरिक्त जेल की सजा भुगतनी होगी।
जिले के एक गांव की रहने वाली महिला ने 12 नवंबर 2019 को महिला थाना रेवाड़ी में अपने ससुर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में पीड़िता ने बताया था कि उसकी शादी वर्ष 2016 में हुई थी। शादी के बाद से ही उसका ससुर उस पर बुरी नजर रखता था और कई बार छेड़छाड़ भी कर चुका था। उसने इस बारे में पति और सास को भी बताया था लेकिन दोनों ने उसकी बात को अनसुना कर दिया और हर बार ससुर का ही साथ देते रहे। 12 नवंबर 2019 को वह अपने कमरे में अकेली थी। इस दौरान उसका ससुर कमरे में घुस आया और उसके साथ छेड़छाड़ शुरू कर दी। उसने विरोध किया तो वह चला गया। दोपहर में उसका पति काम के लिए खेत में चला गया और उसकी सास भी बाहर गई हुई थी। इस दौरान ससुर फिर से उसके कमरे में घुस आया और उसके साथ दुष्कर्म किया।
महिला ने बताया कि ससुर ने किसी को भी इस बारे में बताने पर उसे व उसके बेटे को जान से मारने की धमकी दी। पति और सास के वापस लौटने पर महिला ने घटना के बारे में दोनों को बताया लेकिन किसी ने भी उसकी बात नहीं सुनी। इसके बाद थाने में पहुंच कर ससुर के खिलाफ छेड़छाड़ और दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया। महिला थाना रेवाड़ी पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी ससुर को गिरफ्तार कर लिया और जांच के बाद अदालत में चार्जशीट दाखिल की। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अदालत में साक्ष्य प्रस्तुत किए और पीड़िता के बयान भी दर्ज कराए। मामले की सुनवाई के बाद अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेंद्र पाल की अदालत ने आरोपी ससुर को दोषी करार देते हुए 10 साल कैद की सजा और 14 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। जुर्माना नहीं भरने पर दोषी को 6 महीने की अतिरिक्त जेल की सजा भुगतनी होगी।