रेवाड़ी। रोडवेज के बेड़े में 10 नई बसें शामिल हो गई हैं। ये बसें चंडीगढ़ समेत कई लंबे रूटों पर चलाई जाएंगी। बसों की कमी दूर होने से यात्रियों को काफी सहूलियत होगी। क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण (आरटीए) से पासिंग की प्रक्रिया पूरी होने के बाद नई बसें सड़कों पर उतारी जाएंगी।
रेवाड़ी डिपो प्रबंधन के अनुसार आरटीए से पासिंग की अनुमति मिलते ही इन बसों का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। शुरू में, इन नई बसों को उन लंबी बसें यात्रियों की सुविधा के लिए लंबे रूटों पर दौड़ेंगी।
इन बसों का संचालन चंडीगढ़, बीकानेर, झुंझुनू, शिमला, कटरा, अजमेर, जयपुर और आगरा जैसे प्रमुख मार्गों पर किया जाएगा। चंडीगढ़, शिमला और कटरा जैसे रूटों पर जहां पेशेवर यात्री, छात्र और पर्यटक सफर करेंगे, वहीं अजमेर जैसे धार्मिक स्थलों के रूटों पर तीर्थ यात्रियों को आरामदायक और सुरक्षित यात्रा सुविधा मिलेगी।
जयपुर, बीकानेर और आगरा के रूटों पर व्यावसायिक और आम दैनिक यात्रियों को भी बेहतर सेवा मिल पाएगी। इन बसों के आने से डिपो के पास अब कुल 154 बसें हो गई हैं, जबकि बेड़े की स्वीकृत संख्या 177 है।
बसों की होगी फिटनेस चेकिंग
आरटीए पासिंग प्रक्रिया में यह सुनिश्चित करेगा कि, नई बसें सड़क पर यात्रियों के परिवहन के लिए सुरक्षित और कानूनी रूप से उपयुक्त हैं। मुख्य रूप से दो पहलुओं की जांच होती है। एक तकनीकी फिटनेस और दूसरा दस्तावेजी अनुपालन। तकनीकी जांच में सभी सुरक्षा फीचर्स, जैसे कि ब्रेक, टायर, लाइटें, हॉर्न, इमरजेंसी एग्जिट और गति नियंत्रक (स्पीड गवर्नर) की कार्यक्षमता को परखा जाता है। दस्तावेजी जांच में वाहन के रजिस्ट्रेशन कागजात, बीमा, प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र, चेसिस और इंजन नंबर का मिलान करते हैं। सभी मानकों पर खरी उतरने और कागजात सही पाए जाने पर ही आरटीए द्वारा बस को फिटनेस प्रमाण पत्र या पासिंग जारी की जाती है
वर्जन:
नई बसों की पासिंग दिवाली बाद होगी। आरटीए से फिटनेस प्रमाण पत्र मिलने पर नई बसें रूटोें पर उतारी जाएंगी। विभिन्न रूटों पर नई बसें चलाई जाएंगी। -निरंजन शर्मा, रोडवेज जीएम रेवाड़ी