हरियाणा की सिरसा एजूकेशन सोसाइटी की ओर से संचालित नेशनल कालेज आफ एजूकेशन के प्रिंसिपल और दो प्राध्यापिकाओं को अनुशासनहीनता के आरोप में बर्खास्त कर दिया गया है। उधर, बर्खास्त प्राध्यापकों के समर्थन में कुछ पदाधिकारी भी मैदान में आ गए हैं।
नेशनल कालेज आफ एजूकेशन के प्रिंसिपल डॉ. एसबी शर्मा, प्राध्यापिका डॉ. रचना शर्मा और प्रो. मीनाक्षी अरोड़ा ने सिरसा एजूकेशन सोसाइटी के पदाधिकारियों पर बेवजह परेशान करने का आरोप लगाते हुए मोर्चा खोल रखा था।
प्रबंधन कमेटी की कार्रवाई के बाद तीनों को सोसाइटी के पदाधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोलना महंगा पड़ गया।
सोसाइटी के प्रधान अरविंद बंसल ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि प्रिंसिपल एसबी शर्मा, प्रो. डॉ. रचना शर्मा व प्रो. मीनाक्षी अरोड़ा को अनुशासनहीनता, कॉलेज का शैक्षणिक माहौल बिगाड़ने और सोसाइटी विरोधी गतिविधियों के संलिप्त होने के कारण बर्खास्त किया गया है।
प्रिंसिपल एसबी शर्मा का कहना है कि उन्होंने करीब तीन साल पहले कॉलेज में प्राचार्य का पदभार ग्रहण किया था। शुरुआती दौर में कालेज में काफी कम विद्यार्थी थे, लेकिन उन्होंने लगातार प्रयास कर एक ओर जहां विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाई, वहीं परीक्षा परिणाम भी बेहतर दिया।
प्रिंसिपल की पत्नी डॉ. रचना शर्मा की 10 मार्च 2013 को कालेज में नियुक्ति हुई। अप्रैल माह में नियुक्ति पत्र जारी कर दिया गया, लेकिन ड्यूटी ज्वाइन नहीं करवाई।
इसे लेकर सोसाइटी के कुछ पदाधिकारी रचना शर्मा के समर्थन में आ गए। वहीं, मीनाक्षी अरोड़ा ने भी पदाधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ था। शुक्रवार को भी इस मामले में विवाद हुआ था। बाद में सोसाइटी के प्रधान की ओर से तीनों की बर्खास्तगी के आदेश जारी कर दिए गए।