रेलवे ट्रैक पर काम करने से पहले विभागीय अधिकारियों की तरफ से लिखित परमिशन ली जाती है। जिस ट्रैक पर काम चल रहा होता है, वहां के स्टेशन अधिकारियों को भी इस बात की जानकारी होती है लेकिन इस मामले में जो प्रथम जानकारी सामने आई है, वह काफी हैरान करने वाली है। इसमें बिना किसी परमिशन के ही ट्रैक पर कार्य शुरू कर दिया गया। इस कार्य की जानकारी अंबाला कैंट से बराड़ा तक किसी भी स्टेशन के अधिकारी को नहीं थी। इसलिए ट्रेन को कैंट स्टेशन से बिना किसी गड़बड़ के बराड़ा की तरफ रवाना किया गया था।
चालक ने दिया सूझबूझ का परिचय
तुगलकाबाद लोको इंजन 30346 में लुधियाना हेडक्वार्टर के चालक राकेश सिंह, सह चालक वर्धन व अमृतसर हेडक्वार्टर के गार्ड आरके शर्मा तैनात थे। ट्रैक पर कार्य करते देखकर चालक ने कुछ दूरी पर ही इमरजेंसी ब्रेक लगा दिए, अन्यथा ट्रेन के डिरेल होने की पूरी आशंका थी।
मामला गंभीर
मामला गंभीर है। ट्रैक पर चल रहे कार्य की जानकारी विभागीय कर्मचारियों द्वारा नहीं दी गई और न ही कार्यस्थल पर किसी प्रकार का कोई निशान लगाया गया था। चालक ने सूझबूझ का परिचय देकर एक बड़े हादसे का टाल दिया। मामले में दो कर्मचारियों को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर जांच बिठाई गई है। -गुरिंदर मोहन सिंह, रेल प्रबंधक अंबाला मंडल।
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