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बिना अनुमति रेलवे ट्रैक पर कर रहे थे काम, पार्सल ट्रेन दुर्घटनाग्रस्त होने से बची, दो कर्मचारी सस्पेंड

Sat, 12 Sep 2020 04:59 AM IST
ajay kumar हरिंद्र पाल सिंह, अमर उजाला, अंबाला (हरियाणा)

सार

  • अंबाला-सहारनपुर लाइन पर बिना अनुमति चल रहा था ट्रैक रिपेयर का काम, एसएसई वर्कस और जेई सस्पेंड
  • पार्सल गाड़ी के चालक की सूझबूझ से टला हादसा, पटरी खुली देख 10 मीटर पर लगाए इमरजेंसी ब्रेक
  • केसरी और बराड़ा के बीच बिना परमिशन चल रहा था ट्रैक रिपेयर कार्य, तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित
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लाल घेरे में अपने स्थान से दूर पटरी का हिस्सा। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अमृतसर से गुवाहटी जा रही पार्सल ट्रेन शुक्रवार दोपहर दुर्घटनाग्रस्त होने से बच गई। ट्रेन के चालक ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन रोक दी। घटना केसरी और बराड़ा रेलवे स्टेशन के बीच किलोमीटर नंबर 245/18 के पास हुई। पूरे मामले में लापरवाही सामने आने पर रेलवे ने एसएसई वर्कस व जेई को सस्पेंड कर जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन कर दिया। 

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दरअसल, हुआ यूं कि ट्रेन नंबर 00466 पार्सल स्पेशल अमृतसर से चलकर लगभग 12.30 बजे छावनी रेलवे स्टेशन पहुंची। यहां कुछ देर ठहराव के बाद ट्रेन अंबाला-सहारनपुर लाइन पर डायवर्ट हो गई। दोपहर लगभग 1.03 पर कंट्रोल पर आए संदेश से अंबाला मंडल के अधिकारियों के होश उड़ गए। 

जानकारी यह थी कि पार्सल ट्रेन जिस ट्रैक पर दौड़ रही थी, उसके पैंडुलम क्लिप खुले हुए थे। इस कारण पटरी का काफी हिस्सा निश्चित जगह से हटा हुआ था। सूचना मिलते ही विभागीय अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। लगभग 1 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद ट्रैक दुरुस्त करने के बाद पार्सल ट्रेन को गंतव्य की तरफ रवाना किया गया।

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बिना परमिशन के कर रहे थे काम

रेलवे ट्रैक पर काम करने से पहले विभागीय अधिकारियों की तरफ से लिखित परमिशन ली जाती है। जिस ट्रैक पर काम चल रहा होता है, वहां के स्टेशन अधिकारियों को भी इस बात की जानकारी होती है लेकिन इस मामले में जो प्रथम जानकारी सामने आई है, वह काफी हैरान करने वाली है। इसमें बिना किसी परमिशन के ही ट्रैक पर कार्य शुरू कर दिया गया। इस कार्य की जानकारी अंबाला कैंट से बराड़ा तक किसी भी स्टेशन के अधिकारी को नहीं थी। इसलिए ट्रेन को कैंट स्टेशन से बिना किसी गड़बड़ के बराड़ा की तरफ रवाना किया गया था।

चालक ने दिया सूझबूझ का परिचय
तुगलकाबाद लोको इंजन 30346 में लुधियाना हेडक्वार्टर के चालक राकेश सिंह, सह चालक वर्धन व अमृतसर हेडक्वार्टर के गार्ड आरके शर्मा तैनात थे। ट्रैक पर कार्य करते देखकर चालक ने कुछ दूरी पर ही इमरजेंसी ब्रेक लगा दिए, अन्यथा ट्रेन के डिरेल होने की पूरी आशंका थी। 

मामला गंभीर
मामला गंभीर है।  ट्रैक पर चल रहे कार्य की जानकारी विभागीय कर्मचारियों द्वारा नहीं दी गई और न ही कार्यस्थल पर किसी प्रकार का कोई निशान लगाया गया था। चालक ने सूझबूझ का परिचय देकर एक बड़े हादसे का टाल दिया। मामले में दो कर्मचारियों को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर जांच बिठाई गई है। -गुरिंदर मोहन सिंह, रेल प्रबंधक अंबाला मंडल।
 

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