पानीपत। चंडीगढ़ स्थित मुख्यमंत्री मनोहर लाल के निवास पर बुधवार को सीएम के साथ शहरी स्थानीय निकाय मंत्री और सभी निगमों से मेयर की बैठक हुई। इसमें मेयर अवनीत कौर ने सीएम से निगम के क्षेत्रीय कराधान अधिकारी समयपाल सिंह की शिकायत की।
मेयर ने कहा कि जेडटीओ (क्षेत्रीय कराधान अधिकारी) का बर्ताव जनप्रतिनिधियों और जनता के साथ ठीक नहीं। उनकी बातचीत करने का तरीका गलत है। वे बदसलूकी करते हैं। उनके खिलाफ वे पहले भी सदन की बैठक में निंदा प्रस्ताव पास कर चुके हैं। समयपाल की ट्रांसफर पर मेयर ने कहा कि वे उनके खिलाफ कार्रवाई चाहती हैं। सीएम ने तुंरत प्रभाव से निलंबन के आदेश दिए। इसके तुंरत बाद निकाय मुख्यालय की ओर से क्षेत्रीय कराधान अधिकारी समयपाल सिंह को निलंबित कर दिया। अब उनकी ड्यूटी मुख्यालय पर रहेगी।
मेयर ने सीएम से राइट टू सर्विस एक्ट का हवाला देकर कहा कि 21 दिन में निगम अधिकारियों को प्रॉपर्टी आईडी संबंधित फाइलों को निपटाना होता है। एक्ट अनुसार 21 दिन के बाद उन पर जुर्माना और कार्रवाई का प्रावधान है, लेकिन अधिकारी लापरवाही कर रहे हैं। सीएम ने उन्होंने इस समय सीमा को 15 दिन में करवाने का मेयर को आश्वासन दिया।
मेयर ने सीएम से निगम में विवाह, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्रों के लिए भटकने वाले लोगों की परेशानी रखी। बताया कि इसके लिए 30 दिन निर्धारित हैं। इसके बाद फाइल को पास करवाने के लिए डीसी और सीएमओ स्तर पर भेजा जाता है। इसमें छह महीने लग जाते हैं। सीएम ने इसकी सीमा को 60 दिन करने का आश्वासन दिया।