सनौली। यमुना में दोस्तों के साथ नहाने गया उझा गांव का एक युवक उत्तर प्रदेश की तरफ कुंड में डूब गया। जबकि दो दोस्तों को निकाल लिया गया। जब तक उसको बाहर निकाल गया। तब तक उसकी मौत हो चुकी थी । उत्तर प्रदेश पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए शामली के नागरिक अस्पताल में रखवाया। उत्तर प्रदेश पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज कर पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया है। अब पुलिस मामले की जांच कर रही है।
उझा गांव निवासी मोंटी ने बताया कि वह निशांत (19), रमेश, अंशु व सोनू के साथ मंगलवार शाम को यमुना में नहाने करने के लिए आया था। वह यमुना के दूसरे किनारे उत्तर प्रदेश की और नहाने पहुंचे। निशांत, रमेश और सोनू गहरे कुंड में डूब गए थे। इनको डूबते देख उन्होंने शोर मचा दिया। उनका शोर सुनकर वहां उत्तर प्रदेश की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने तुरंत यहां मौजूद गोताखोरों को बुलाया। गोताखोरों ने सोनू और रमेश को तुरंत सकुशल बाहर निकाल लिया, मगर निशांत डूब गया। हरियाणा व उत्तर प्रदेश के गोताखोरों ने निशांत की काफी तलाश की, लेकिन उसका भेद नहीं लगा। वहां ऑक्सीजन सिलिंडर के साथ गोताखोर बुलाए गए। उन्होंने एक घंटे के बाद निशांत का शव बरामद किया। मृतक निशांत तीन भाइयों व एक बहन में सबसे छोटा था। उसके पिता सत्यवान की चार माह पहले ह्दयघात से मौत हो गई थी। निशांत पेशे से मोटरसाइकिल मैकेनिक था। इस घटना के बाद पूरे गांव में मातम छाया हुआ है।
यमुना में बने कुंड से ग्रामीणों में रोष-
यमुना सुधार समिति के प्रदेशाध्यक्ष एडवोकेट रत्तन सिंह रावल ने कहा कि यमुना में बने इन कुंडों में हर वर्ष औसतन 10-12 लोगों की मौत हो जाती है। इसके लिए यमुना में होने वाला अवैध खनन जिम्मेदार है। यमुना में यूपी की तरफ ठेकेदारों द्वारा रेत का अवैध रूप से खनन किया जाता है और खनन करने वाले ठेकेदार बहुत गहराई से रेत निकालते हैं। इसी वजह से यमुना में गहरे कुंड बनते हैं।