नारा गांव के ग्रामीणों ने रवि हत्या में पुलिस की ढीली कार्रवाई से आक्रोशित होकर दूसरे दिन भी पानीपत-सफीदों मार्ग पर शव रख जाम लगा दिया और पुलिस विरोधी नारेबाजी की। महिलाओं ने मौके पर समझाने पहुंचे डीएसपी को आड़े हाथों लिया और उनको चूड़ियां सौंप दीं।
आक्रोशित लोगों ने शव रखकर सवा दो घंटे तक जाम लगाया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम पानीपत मौके पर पहुंचे और दोषी सरकारी कर्मियों पर भी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। ग्रामीणों ने सिविल अस्पताल के एक चिकित्सक व पुलिस के जांच अधिकारी को सस्पेंड करने की मांग की। प्रशासनिक अधिकारियों का उचित कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीणों ने जाम खोला।
नारा गांव के ग्रामीण रवि के हत्या आरोपियों को गिरफ्तार करने के पुलिस के ढुलमुल रवैये से खफा होकर रविवार को शव लेकर पानीपत-सफीदों मार्ग पर पहुंच गए और सड़क पर शव रख जाम लगा दिया। इसके बाद दोनों तरफ वाहनों की लंबी-लंबी कतार लग गईं। ग्रामीणों ने आरोपियों की तुरंत गिरफ्तार करने और मृतक रवि कुमार का सिविल अस्पताल में मेडिकल करने वाले डाक्टर और इस मामले के पुलिस जांच अधिकारी को तुरंत सस्पेंड करने की मांग की। ग्रामीणों के जाम लगाने की सूचना मिलते ही डीएसपी राजबीर हुड्डा व मतलौडा थाना प्रभारी गौरीदत्त पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया।
मां बोली, पुलिस बिकी हुई है
इसी बीच मृतक रविकुमार की मां भतेरी ने डीएसपी राजबीर हुड्डा को अपनी चूड़ियां निकाल कर दे दीं और अपनी छाती पीटकर कहा कि पुलिस बिकी हुई है। आरोपी सरेआम घूम रहे हैं। भतेरी ने कहा कि अगर आप आरोपियों को पकड़ नहीं सकते तो चूड़ियां पहन लें और वर्दी मेरे को दें। मैं मारूंगी अपने बेटे के हत्या आरोपियों को गोली। इतनी ही देर में पीड़ित परिवार की पंजाब से आई रिश्तेदार महिला ने जोर से चिल्लाते हुए डीएसपी को घेर लिया। उसने कहा कि यह मामला तो हरियाणा में हुआ है, अगर यह कांड पंजाब में हुआ होता तो हत्यारों और पुलिस को हम खुद ही देख लेते। हमारे सामने लाओ आरोपियों को हम मारेंगे उन्हें गोली। महिलाओं की बातों को सुन पुलिस अधिकारियों व कर्मियों के चेहरे लटक गए और एक तरफ जाकर खड़े हो गए।
एसडीएम को बताईं मांगें
इस दौरान एसडीएम पानीपत अश्वनी मलिक मौके पर पहुंचे और प्रशासन द्वारा हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन दिया। आक्रोशित लोगों ने आईजी या एसपी के आने पर जाम खोलने की बात कही। एसडीएम ने पांच लोगों की कमेटी बुलाकर उनको समझाया और उनकी मांग को लिखित रूप में लिया। उन्होंने कहा कि वे ऐसे अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करेंगे। इसके बाद ग्रामीण कुछ शांत हुए और ढाई घंटे बाद सवा दस बजे जाम खोला। इसके बाद ग्रामीणों ने मृतक का अंतिम संस्कार किया।
आरोपी ने अपने टीचर को भी मारा था थप्पड़
जाम के दौरान ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि आरोपी साहिल ने पिछले साल गांव के राजकीय स्कूल में पढ़ाई के दौरान अपने टीचर को भी थप्पड़ मार दिया था। स्कूल प्रशासन ने साहिल का नाम काट दिया था। वह अब गांव के एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ रहा है।
डॉक्टर ने किया धोखा
पीड़ित परिजनों ने पुलिस को बताया कि नौ मार्च को रविकुमार को पेट में चाकू मार कर बुरी तरह से जख्मी कर दिया था। पानीपत सिविल अस्पताल के डॉक्टर ने अपनी मेडिकल रिपोर्ट में नॉर्मल चोट दिखा दी और उसको पीजीआई रेफर कर दिया। पुलिस ने भी डॉक्टर की रिपोर्ट के आधार पर हल्की धारा लगा दी। परिजनों ने कहा कि रवि को नार्मल चोटों के चलते रेफर करने की जरूरत नहीं थी। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपियों का कोई जानकार सिविल अस्पताल में है और उसके कहने पर चिकित्सकों ने मामले को हल्का किया है।
पुलिस व खुफिया विभाग सतर्क
नारा गांव पूर्व सरपंच कुलदीप की हत्या के चार साल बाद एक बार फिर छावनी बन गया और हर ग्रामीण पर पुलिस व खुफिया कर्मियों की नजर रही जिसके चलते पुलिसकर्मी रातभर सो नहीं सके। खुफिया तंत्र के कर्मचारी रातभर ग्रामीणाें की रणनीति की जानकारी लेते रहे।
यह है मामला
मृतक रवि के भाई और आरोपी साहिल के बीच नौ मार्च को कहासुनी में झगड़ा हुआ था। रविकुमार आरोपी साहिल के घर झगड़े के बारे में बताने गया था। इसके थोड़ी ही देर बाद आरोपियों ने फोन पर रवि को निजी स्कूल के बाहर बुला लिया और अपने साथियों के साथ रवि पर चाकुओं से हमला कर दिया। रवि को पहले सिविल अस्पताल व फिर पीजीआई खानपुर भर्ती कराया गया, लेकिन उसकी हालात को देखते हुए पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया। जहां पर शनिवार रात को रविकुमार ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। ग्रामीणों ने शनिवार रात को भी गांव के अड्डे पर पानीपत-सफीदों मार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया था।
पुलिस ने रवि हत्याकांड में साहिल व मंजीत को गिरफ्तार कर लिया है और ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने पेशकर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और आरोपियों को किसी भी सूरत में छोड़ा नहीं जाएगा।
गौरीदत्त, प्रभारी, थाना मतलौडा, पानीपत