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प्रदेश भर में प्रॉपर्टियों का गलत डाटा लाइव कर लोगों पर डाल दी बड़ी मुसीबत और मंत्री ने बताया उपलब्धि

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पानीपत। हजारों खामियों से भरा याशी एजेंसी का नया प्रॉपर्टी डाटा पीएमएस पोर्टल पर लाइव हो चुका है, लेकिन शहरी स्थानीय निकाय मंत्री इसे उपलब्धि की नजर से देख इसके तारीफों के पुल बांध रहे हैं। जबकि गलत डाटा के अपलोड होते ही प्रदेश भर के लोगों ने अपने सिर पकड़ लिए हैं। अफसर तक परेशान हैं कि इसका समाधान कैसे हो ? इसे लेकर करनाल में निकाय मंत्री के सामने सारी मुश्किलें बताई गई, लेकिन मंत्री ने कहा कि जो डाटा गलत है, उसका पुराने डाटा से मिलान कर दो। यह मिलान करना भी निगम अफसरों को ही है। ऊपर से पीएमएस पोर्टल में भी कई खामियां हैं, जिससे इस काम को करने में नई मुसीबत झेलने के लिए लोगों और अफसरों को तैयार रहना पड़ेेगा। जब अफसरों ने कहा कि मुसीबत ज्यादा बड़ी है तो मंत्री ने कहा कि काम शुरू करो, दिक्कत ज्यादा आएगी तो सीएम से बात की जाएगी।
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सोमवार शाम साढ़े तीन बजे याशी का नया सर्वे पीएमएस पोर्टल पर लाइव कर दिया गया था। इनमें 1.83 लाख प्रॉपर्टियों का डाटा पोर्टल पर अपलोड किया गया। इसमें से 70 हजार प्रॉपर्टियों का डाटा ही गलत था। ये डाटा पुराने सही डाटा से मिलान ही नहीं खाता। इसमें प्रॉपर्टियों के मालिकों का नाम, पता, साइज, कैटेगरी तक बदल गई। वैध एरिया तक बदल अवैध हो चुका है।
निगम के क्षेत्रीय कराधान अधिकारी समयपाल सिंह ने मंत्री के सामने सभी समस्याओं को रखा। जिस पर मंत्री ने कहा कि जो डाटा मिलान नहीं खा रहा उसका मिलान कराया जाए। इसके लिए याशी से कर्मचारियों की मदद मांगी तो कहा कि ये काम निगम को ही करना होगा। दूसरी ओर पोर्टल भी सही नहीं चल रहा है। उन्होंने मंत्री से कहा कि उन्होंने सब डिवीजन तक बंद की हैं। या तो रजिस्टरी के आधार पर लोगों की आईडी बनाने की अनुमति दी जाए या जो आईडी पहले ही बनी हैं उनको मंजूरी देने की अनुमति मिले तो इस मंत्री ने कहा कि इस बारे में वे सीएम से बात करेंगे।
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खराब सर्वे के बांधे तारीफों के पुल, ऐतिहासिक बता दी बधाई :
बैठक में शहरी स्थानीय निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता ने कहा कि हरियाणा ऐसा पहला राज्य है, जिसने अपनी शहरी जमीन की पैमाइश करवा ली है। प्रदेश के सभी शहरी स्थानीय निकायों में पहले प्रॉपर्टी आइडी की संख्या 29 लाख थी वह बढ़कर 42 लाख 10 हजार हो गई है। नई आईडी बनाने के इस काम में 3 लाख 9 हजार 200 आपत्तियां आई, जो दूर कर दी गई हैं। पहले प्रदेश के 29 लाख लोग टैक्स देते थे अब 42 लाख देंगे। मंत्री ने इसे ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए सभी नगर निकायों के अधिकारियों को बधाई तक दी।
मंत्री ने कहा कि 79 निकायों में 32 लाख प्रॉपर्टियों का डाटा लाइव कर दिया गया है। अब कोई भी व्यक्ति ऑनलाइन अपनी प्रॉपर्टी आईडी को चेक कर सकता है। अगर कोई इस पर आपत्ति है तो उसका समाधान भी किया जाएगा। अफसर इसका प्रचार प्रसार भी करें और सभी निकाय कार्यालयों में एक-एक हेल्प डेस्क बनाएं। इसके लिए 20 अक्तूबर को यूएलबी के मुख्य नगर योजनाकार की ओर से ऑनलाइन डाटा वेरिफिकेशन का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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