पानीपत। स्वास्थ्य विभाग की ओर से सभी सामुदायिक केंद्रों को अपग्रेड करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए सभी सामुदायिक केंद्रों में जल्द एक्स रे सेवाएं भी शुरू होंगी। इसके लिए मशीनें खरीदने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इसमें स्वास्थ्य विभाग रिफाइनरी की मदद लेगा। रेडियोलॉजी विंग भी सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में विकसित की जाएगी। इसके अलावा सभी केंद्रों में ऑपरेशन थियेटर बनाने की योजना है। सिविल सर्जन ने अब मुख्यालय में सामुदायिक केंद्रों के जीर्णोद्धार का प्रस्ताव भेजा है।
जिले में सात सामुदायिक केंद्र हैं जिसमें नौल्था, अहर, मतलौडा, ददलाना, खोतपुरा, बापौली व नारायणा सीएचसी है। हर सीएचसी लगभग 50 हजार लोगों के स्वास्थ्य को कवर को करती है। यह शहर के विभिन्न विभिन्न हिस्सों में स्थापित है। यहां पर प्राथमिक उपचार व डिलीवरी की सुविधाएं उपलब्ध है लेकिन यहां से मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद जिला नागरिक अस्पताल में रेफर किया जाता है। स्वास्थ्य विभाग ने जिला नागरिक अस्पताल का भार कम करने के लिए सामुदायिक केंद्रों में रेडियोलॉजी, ऑपरेशन थियेटर व बर्न वार्ड बनाने का प्रोजेक्ट शुरू किया है ताकि यहां मरीजों को जल्द इलाज मिल सके। अब स्वास्थ्य विभाग इन केंद्रों के भवनों को दुरुस्त करने का प्रयास कर रहा है। फिलहाल किसी भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सिजेरियन डिलीवरी की सुविधा उपलब्ध नहीं है।
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नागरिक अस्पताल में बर्न वार्ड बनेगा-
42 करोड़ की जिला नागरिक अस्पताल की बिल्डिंग में छह साल बाद भी बर्न वार्ड की सुविधा शुरू नहीं हुई है। जले हुए मरीजों को इमरजेंसी वार्ड में दाखिल करना पड़ता है। इससे दूसरे रोगियों में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। अब स्वास्थ्य विभाग ने जिला नागरिक अस्पताल में अत्याधुनिक बर्न वार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसमें रिफाइनरी का सहयोग लिया जा रहा है। अस्पताल में बर्न वार्ड सफदरजंग अस्पताल की तर्ज पर बनेगा। सफदरजंग अस्पताल की बर्न यूनिट को देश की सबसे बेहतरीन बर्न यूनिट माना जाता है। पानीपत के सर्जन डॉ. संजीव गुप्ता को सफदरजंग अस्पताल में ट्रेनिंग के लिए भेजा जाएगा। वह वहां की बर्न यूनिट को देखकर उसी के अनुसार यहां बर्न वार्ड तैयार करेंगे। इसमें 16 बेड लगेंगे ।
वर्जन-
जिला सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहूजा ने बताया कि सभी सामुदायिक केंद्रों को विकसित किया जा रहा है। यहां एक्सरे सेवाएं शुरू करने का प्रयास है। इसके लिए मशीनें खरीदी जाएंगी। यहां एक्स रे सेवाएं शुरू होने से लोगों को इसके लिए जिला नागरिक अस्पताल में नहीं आना पड़ेगा। फिलहाल समालखा अस्पताल में एक्स रे सेवाएं सुचारू हैं।