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फैक्ट्रियों में बिना मास्क के काम कर रहे मजदूर

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जिलेभर में कोरोना के डेढ़ हजार से अधिक मरीज मिलने के बाद भी लोग सबक नहीं ले रहे है। गलियों में लोग बिना मास्क लगाए ही घूमते दिखाई दे रहे है, ऐसी ही कुछ कॉलोनियों में पड़ताल करने पर हनुमान कॉलोनी व वधावाराम कॉलोनी में देखा गया कि फैक्ट्री से 50 से 60 कर्मचारी फैक्ट्री में से बिना मास्क लगाए बाहर निकलते हुए। वहीं जब कॉलोनी वासियों से पूछा गया तो उन्होनें बताया कि यहां तो कोई भी मास्क नहीं लगाता है। कर्मचारी तो कर्मचारी गली में रहने वाले लोग भी बेफिक्र होकर बिना मास्क लगाए गली में बैठे रहते है। गली में किसी को भी कोरोना महामारी का खौफ नहीं है। यह हाल तब है जब इसकी अहमियत को लोगों को बार-बार समझाया जा रहा है। पुलिस ने बिना मास्क के चालान के लिए अलग से चालान बुक भी छपाया गया है ताकि इसका अंदाजा लगा सके कि कितने लोग इस बीमारी को लेकर सजग नहीं है। कोरोना महामारी का संक्रमण एक दूसरे में ना फैलने पाए, इसके लिए मास्क जरूरी है।
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जुर्माने के बाद भी लोग नहीं हो रहे जागरूक
अब सड़कों पर बिना मास्क निकलने वाले अपने लिए तो खतरा हैं ही, दूसरों के लिए भी बड़ी परेशानी हैं। क्योंकि अगर किसी में संक्रमण है तो उसे फैलने से कोई नहीं रोक पाएगा। यही वजह है कि पुलिस जब बिना मास्क वालों को रोक रही है तो उनके गाड़ी के कागजात व अन्य दस्तावेज की भी जांच कर रही है ताकि जेब पर असर पड़े और कम से कम अगली बार से सुधार आए। परंतु गलियों में कोई भी पुलिस कर्मी चालान नहीं कर रहे है जिससे लोग बेफिक्र होकर दिन भी गली में बिना मास्क के घुम रहे है यहीं नहीं दूसरी कॉलोनियों से आने वाले लेबर भी यहां पर मौजूद फैक्ट्रियों में काम कर रहे है।
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