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वर्क ऑर्डर-टेंडर का खेल, विकास में नगर निगम फेल

Thu, 25 Aug 2016 11:39 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, पानीपत।
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नगर ‌निगम - फोटो : पानीपत
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पानीपत। नगर निगम शहर के क्षेत्र के विकास में फेल साबित हो रहा है। शहर के वार्ड हों या फिर वार्डों में नए जुड़े क्षेत्र। हर जगह विकास का टोटा है। स्थानीय निवासी खुद को नगर निगम के वासी कहलाने तक में अफसोस करने लगे हैं। वार्ड-14 का नांगल खेड़ी ग्राम पंचायत से काटकर नगर निगम में शामिल किया गया था। इसका कुछ क्षेत्र भी विकास को तरस रहा है। पार्षदों का आरोप है कि टेंडर होने के बाद वर्क आर्डर जारी नहीं होते। यदि वर्क आर्डर जारी हो जाते हैं, तो कई-कई महीनों तक काम शुरू नहीं होता है। ऐसे में विकास कार्य ठप हैं। लोगों में नगर निगम की कार्यप्रणाली को लेकर रोष है।
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नगर निगम के विकास न कराने पर पार्षदों का आए दिन विरोध भी सामने आ रहा है। इस मुद्दे पर पहले वार्ड-पांच पार्षद जयकुमार बिंदल निगम के बाहर ही भूख हड़ताल पर बैठ गए थे। अब खुद मेयर सुरेश वर्मा समेत 10 पार्षद भी विकास कार्य न होने पर सामने आ गए हैं। इन पार्षदों का आरोप है कि निगम अधिकारी काम नहीं करा रहे। ये सब सोमवार को डीसी को ज्ञापन सौंपकर धरने पर बैठने की योजना तक बना रहे हैं। अमर उजाला माई सिटी ने शहर के कई पार्षदों से बात की और कॉलोनियों का हाल भी देखा। नगर निगम क्षेत्र में स्थिति बेहद चिंताजनक मिली।

वार्ड-14 के विकास नगर में ही नहीं हुआ विकास
वार्ड-14 स्थित विकास नगर में नांगल के साथ लगता क्षेत्र विकास की बाट जोह रहा है। वर्ष 2015 के पंचायत चुनाव के बाद नगर निगम में गांव नांगल खेड़ी का कुछ भाग शामिल किया गया था। आज तक यहां पर विकास के नाम पर एक ईंट तक नहीं लगाई गई। नगर निगम ने बाहरी कॉलोनी कहकर विकास कार्य से हाथ खींच लिए। जबकि, नगर निगम में शामिल होने से पहले पंचायत ने यहां 60 फीसदी विकास कराए थे। शहर के प्रत्येक वार्ड में विकास का यही हाल है। इसके चलते मेयर और पार्षदों ने ग्रामीण के साथ शहरी विधायक पर विकास न कराने का आरोप लगाया है। पार्षद मंजू कादियान के पति रामचंद्र कादियान ने बताया कि नांगल खेड़ी गांव के करीब 5200 वोट काट दिए गए थे। नगर निगम में शामिल होने के बाद लोगों को तेजी से विकास की उम्म्ीद थी। लेकिन, अभी तक यहां विकास कार्य नहीं कराए गए। ऐसे में यहां के लोग मूलभूत सुविधाओं को तरस गए हैं।
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चार महीने पहले हुआ टेंडर, वर्क आर्डर अभी तक नहीं
वार्ड-6 के पार्षद पति संजीव ने बताया कि चार महीने पहले वार्ड की गलियों और नालियों का टेंडर जारी हुआ था। लेकिन, आज तक वर्क आर्डर जारी नहीं किए जा सके हैं। प्रत्येक वार्ड की ऐसी ही कहानी है। सभी में विकास कार्य ठप हैं।

उद्घाटन के बाद भी काम अटका
वार्ड-17 पार्षद सुनील वर्मा ने आरोप लगाया कि वार्ड में करीब एक करोड़ 20 लाख रुपये के टेंडर हुए हैं, लेकिन एक भी काम का वर्कर आर्डर नहीं हुआ है। शहरी विधायक भेदभाव की नीति अपना रहा है। पीपल वाली गली का विधायक ने नारियल तोड़कर काम शुरू कराया था, लेकिन गली का काम छह महीने से लटका हुआ है।

80 लाख के विकास कार्य अटके
वार्ड-21 पार्षद बृजभूषण धींगड़ा ने बताया कि वार्ड में करीब 80 लाख के टेंडर हो चुके हैं। इनके वर्क आर्डर भी जारी हो चुके हैं। इसके बाद भी काम शुरू नहीं हो सके हैं।
 
छह टेंडर हुए, वर्क आर्डर एक का
वार्ड-20 पार्षद पति बलजीत सिंह ने बताया कि वार्ड में विकास कार्य ठप हैं। वार्ड में छह टेंडर हुए हैं। इनमें से एक का ही वर्क आर्डर हुआ है। इसका भी दो माह से अब तक काम शुरू नहीं हो पाया है। लोगों में इसको लेकर रोष व्याप्त है।
शहर के ज्यादातर वार्डों में विकास कार्य ठप पड़े हैं। ग्रामीण और शहरी विधायक की अनदेखी के चलते लोग नारकीय जीवन जीने पर मजबूर हैं। वे बाहरी कॉलोनियों को वैध कराने को लेकर कई प्रयास कर गए हैं। शहर के दोनों विधायकों को भी कॉलोनियों को वैध कराने और विकास कार्य कराने को लेकर भागदौड़ करनी चाहिए।
सुरेश वर्मा, मेयर नगर निगम, पानीपत।


शहर में प्रत्येक वार्ड में सामान विकास कार्य करवाए जा रहे है। किसी पार्षद के साथ भेदभाव नहीं किया गया है। यदि किसी को कोई समस्या है तो कार्यालय में आकर शिकायत करें। समस्या का समाधान किया जाएगा।
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वीना हुड्डा, कमिश्नर नगर निगम, पानीपत।
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