बच्चों के शरीर पर चोट के निशान देखते बाल कल्याण समिति के सदस्य
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पानीपत में दो मासूम बच्चों की पिटाई का एक और मामला सामने आया है। छह माह से पति से अलग रह रही महिला ने अपने तीन अन्य साथियों के साथ मिलकर सात वर्षीय मासूम बेटे और पांच साल के भांजे की बेरहमी से पिटाई की। बच्चों को पहले बेल्ट से पीटा और इसके बाद बाथरूम में बंद कर ठंडा पानी डाला गया। बच्चों के मामा ने यह देखा तो वह किसी तरह से बच्चों को आरोपियों के चंगुल से निकालकर उनके पिता के पास पहुंचा।
पिता ने बाल कल्याण समिति से पूरे मामले की शिकायत की। बाल कल्याण समिति के चेयरमैन ने तुरंत मॉडल टाउन थाना पुलिस को आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर बच्चों का मेडिकल कराने के निर्देश दिए। थाना पुलिस ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है।
करनाल जिले के रतनगढ़ निवासी व्यक्ति ने बताया कि वह मजदूरी करते हैं। उसकी शादी वर्ष 2016 में कंजौली की रहने वाली महिला से हुई थी। उनके दो बेटे हैं। करीब छह माह पहले से उनकी पत्नी अलग रह रही है। वह पानीपत के जाटल रोड पर तीन युवकों के साथ रहती है। सात वर्षीय छोटा बेटा भी उसी के पास रहता है। करीब सात दिन पहले उसकी पत्नी अपनी छोटी बहन के भी छह वर्षीय बेटे को भी अपने साथ ले आई थी। शनिवार को दोनों बच्चे खेल रहे थे। व्यक्ति का आरोप है कि उसकी पत्नी और उसके साथ रह रहे तीन अन्य युवकों ने दोनों मासूम बच्चों की पिटाई की।
बच्चों को बेल्ट से बेरहमी से पीटा। जब वह चिल्लाए तो बाथरूम में बंद कर दिया और ठंडा पानी डाला। जिससे बच्चों की हालत बिगड़ गई। घटना के बाद बच्चों के मामा दोनों बच्चों को वहां से किसी तरह से निकालकर करनाल पहुंचा और पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद वह करनाल पुलिस के पास पहुंचे। लेकिन पुलिस ने मामला पानीपत का होने के कारण पानीपत भेज दिया।