पानीपत। इंडिया काउंसलिंग ऑफ मेडिकल रिसर्च ( ईसीएमआर ) की टीम पानीपत में सर्वे कर लोगों में बीमारी का पता लगा रही है। रिसर्च टीम ने इसके लिए पहले खोतपुरा सामुदायिक केंद्र के अंतर्गत आने वाले 10 गांवों को चुना है। टीम खोतपुरा गांव में अपना सर्वे कर चुकी है। यहां टीम ने 200 घरों में 59 दिन तक जांच की है। अब नोहरा गांव में सर्वे शुरू हो चुका है।
टीम छह माह में आठ हजार लोगों की जांच करेगी। टीम बुजुर्गों में शुगर, ह्दय रोग, बीपी व कैंसर के कारणों पर भी अध्ययन कर रही है। टीम ने 23 दिसंबर 2024 को अपना यह सवे शुरू किया था। 10 सदस्यीय ईसीएमआर टीम का नेतृत्व डाॅ. रुचिका गुप्ता व समन्वय अधिकारी डाॅ. सीपी यादव कर रहे हैं।
डॉ. रुचिका ने बताया कि अब गांवाें में फेफड़ों के टेस्ट व पेशाब की भी जांच की जाएगी। इसके लिए मशीन ऑर्डर कर दी गई हैं। एक माह के भीतर ये टेस्ट भी शुरू हाे जाएगा। छह माह से पांच साल से कम उम्र बच्चाें से पूछा जा रहा है कि दो सप्ताह पहले दस्त, बुखार, खांसी ताे नहीं हुआ है, अगर हुआ था ताे क्या इलाज लिया।
19 से 59 साल के लाेगाें के ब्लड प्रेशर, शुगर, लीवर, ह्दय, घुटने की जांच की जा रही है। तनाव की समस्या ताे नहीं हैं, खून की कमी ताे नहीं हैं। गुर्दाें में खराबी ताे नहीं हैं। लंबी सांस की कमी ताे नहीं हैं। शुगर का भी वाे टेस्ट कर रहे हैं । 60 साल से अधिक आयु के बुजुर्गाें में अचानक गिर जाना, चलते-चलते गिर जाना जैसी बीमारियाें के पता लगा रहे हैं।
10 गांवाें के आठ हजार लोगों की होगी जांच ः डाॅ. रुचिका गुप्ता ने बताया कि खाेतपुरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत आने वाले 10 गांव चुने गए हैं। हर गांव के 200 घर जांचने हैं। जिसमें छह माह में आठ हजार लाेग जांचे जाएंगे।