मतलौडा के गांव नारा वासी अजीत संदिग्ध परिस्थितियों में घर से लापता पत्नी व दो बच्चों की तलाश में भटक रहा है। आरोप है कि पुलिस उसकी शिकायत को गंभीरता से नहीं ले रही अन्यथा उसे अपना परिवार मिल जाता।
अजीत ने पत्रकारों से बताया कि पत्नी सुमन( 30) अपने दो पुत्रों दिलशाद (13) व साजिद (12) के साथ संदिग्ध हालत में 19 अप्रैल को दिन से लापता है।
दोनों बच्चे गांव के राजकीय स्कूल में छठी और सातवीं के विद्यार्थी है। 19 अप्रैल को घर में पत्नी व बच्चों के न होने की मां की सूचना पर दोपहर घर आया तो देखा की पत्नी और दोनों बच्चे घर से गायब थे।
घर के आंगन में पत्नी के बालों की चोटी कटी पड़ी थी और कैंची व मंगल सूत्र के धागे के मनिए बिखरे पडे़ थे। उसने तुरंत इसकी सूचना मतलौडा पुलिस को दे दी।
पुलिस ने मौका मुआयना भी किया था। घर के आंगन में चारपाई पर एक पत्र मिला जिसमें लिखा हुआ है कि मुझे बेवकूफ मत समझना और न ही तुम मेरा कुछ बिगाड़ सकते हो।
पांच लाख रुपये लेकर गोशाला के पीछे आ जाना वरना तुम बच्चों का कभी मुंह नहीं देख पाओगे। इन तीनों को बेच कर कीमत वसूल कर लूंगा।
पीड़ित अजीत ने एक युवक के खिलाफ उसके बच्चों का अपहरण करने की शिकायत दी लेकिन पुलिस ने उस शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज करने की बजाय खुद ही एक शिकायत लिखी।
जिसमें लिखा गया था कि उसकी पत्नी सुमन दोनों बच्चों को अपनी मर्जी से कहीं चली गई है। हो सकता है किसी ने अपने फायदे के लिए अपने पास रखा हो आदि लिखकर अनपढ़ अजीत के हस्ताक्षर करा लिए और मुकदमा दर्ज कर दिया गया। आरोप है कि अब वह थाने जाता है तो पुलिस सीधे मुंह बात नहीं करती बल्कि उल्टे उसे डांटकर भगा देती हैं।