सनौली। जलालपुर गांव के पास गोरजा इंटरनेशनल फैक्ट्री में तीन श्रमिकों की हत्या के मामले में आश्रित परिवारों को अब खाने तक के लाले पड़ गए हैं। पड़ोसियों की मदद से उन्हें दो समय का खाना मिल पा रहा है। प्रशासन या सरकार से भी कोई आर्थिक मदद न मिलने पर परिवार में रोष है।
रसलापुर गांव निवासी मृतक कुरबान की मां लाही ने बताया कि इस्लाम अपने पीछे अपनी पत्नी सहरीन व दो बच्चों पांच वर्षीय सुहाना व तीन वर्षीय उजेर को छोड़ गया है। कुरबान ही घर में अकेला कमाने वाला था। अब परिवार चलाना भी मुश्किल हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन या फैक्ट्री वालों की तरफ से आज तक कोई भी आर्थिक मदद नहीं मिली है। लाही ने बताया कि गांव के पड़ोसी कुछ राशन दे जाते हैं। उसी से काम चल रहा है।
मृतक इस्लाम की चाची फुरकाना ने बताया कि इस्लाम के परिवार में उसकी पत्नी संजीदा और तीन लड़कियां और एक लड़का है। लड़का दिव्यांग है और उसके परिवार में कोई भी कमाने वाला नहीं है, जिससे इस्लाम का परिवार आस पड़ोस के लोगों द्वारा मदद के तौर पर दिए गए राशन से चल रहा है। फुरकाना ने भी आरोप लगाया कि परिवार की आर्थिक हालात बेहद खराब है और प्रशासन व फैक्ट्री वालों ने कोई सुध नहीं ली है। हादसे के तीसरे मृतक सुरेश के परिवार वालों को भी कोई मदद नहीं मिली है। मृतक सुरेश की पत्नी अंजू अब झांबा काॅलोनी से यूपी जा चुकी है।
नेशनल हरिद्वार हाईवे पर जलालपुर गांव के पास सात अक्तूबर की देर रात कंबल बनाने की फैक्ट्री गोरजा इंटरनेशनल में ट्रैक्टर टैंकर चालक इस्लाम, कुरबान और बिजली का काम करने वाले सुरेश की हत्या कर दी गई थी। उनके शव फैक्ट्री के टैंक में पड़े मिले थे। इस्लाम व कुरबान रसलापुर गांव और सुरेश यूपी का रहने वाला था। यहां झांबा काॅलोनी में किराए पर रहता था। सनौली खुर्द थाना पुलिस ने आठ अक्तूबर को मृतक इस्लाम के भाई सद्दाम और कुर्बान के भाई जुल्फान की शिकायत पर फैक्ट्री मालिकों नवीन, विष्णु व सौरभ के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया था। एसपी ने परिजनों के आरोपों के आधार पर एएसपी मयंक मिश्रा के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया था।
एसआईटी के सदस्य एवं बापौली थाना प्रभारी अतर सिंह ने बताया कि टीम हर पहलू से जांच कर रही है। फैक्ट्री में लगे सीसीटीवी कैमरे की डीवीआर को पंचकूला लैब में जांच के लिए भेजा गया है। इसकी रिपोर्ट के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।