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दोपहर को नहीं आएगा पानी

Sat, 16 Nov 2013 11:37 PM IST
अमर उजाला, पानीपत
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पानीपत में सर्दी के मौसम में अगर आप थोड़ी देर से भी उठेंगे तो आपको ताजे पानी से वंचित नहीं होना पड़ेगा। पानीपत के शेडयूल में बदलाव करते हुए विभाग तीन के बजाय दो बार सप्लाई देगा।
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इस योजना पर काम अंतिम चरण में है। नया शेडयूल जल्द ही शुरू हो जाएगा। सर्दियों के मौसम शहरवासियों को सुबह और शाम को ही पानी मिलेगा। दोपहर के समय पानी सप्लाई बंद रहेगी।

दोपहर को केवल उसी स्थिति में ही पानी सप्लाई होगी, जब सुबह के समय बिजली नहीं होने या अन्य कारणों से पानी नहीं मिल पाया हो। इसके लिए जन स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी है। शहरवासियों की सुविधा के लिए विभाग ने यह कदम उठाया है।
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दो बार होगा पानी सप्लाई
शहर में फिलहाल करीब 175 ट्यूबवेलाें से पानी की सप्लाई दी जा रही है। अब शहरवासियाें को सर्दियों में सुबह पांच से नौ और शाम को 8:30 बजे तक पानी की सप्लाई मिल पाएगी। गर्मियों के मौसम में पानी की सप्लाई सुबह, दोपहर और शाम को मिलती थी। मौजूदा समय में पानी सप्लाई सुबह पांच से सात, दोपहर 12 से दो और शाम को पांच से 10 बजे तक हो रही है।  

ताजा पानी के लिए जल्दी उठना होता था
इस समय सुबह ताजा पानी के लिए लोगों को जल्दी उठना पड़ता है। अगर किसी कारण से जल्दी नहीं उठा जाए तो ताजा पानी नहीं मिल पाता। ताजा पानी के इस्तेमाल से कपड़े धोने और अन्य कार्य निपटाने में सहूलियत होती है। वहीं कुछ लोग भगवान की पूजा अर्चना करने के बाद हर रोज सूर्य देवता के भी ताजा पानी का अर्घ्य देकर कृपा पाते हैं। ऐसे में ताजा पानी नहीं होने पर उन्हें परेशानी होती है।

बिजली और इंधन की भी होगी बचत
लोग ताजा पानी नहीं मिलने पर नहाने या अन्य कार्याें के लिए पानी को गर्म करते हैं। इसमें बिजली और इंधन की जरूरत पड़ती है। पानी को गर्म करने के लिए लोग या तो रॉड का इस्तेमाल करते हैं या फिर लकड़ी, कोयला या गैस का इस्तेमाल करते हैं। इससे व्यर्थ में इंधन की बर्बादी होती है। ताजा पानी मिलनेे की स्थिति में यह सब जरूरत नाममात्र ही होगी। इससे इंधन की बचत होगी।

दोपहर की सप्लाई होगी बंद
इस समय चल रही दोपहर की सप्लाई को जल्द ही बंद कर दिया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि सर्दियों में पेयजल का कम इस्तेमाल होता है। पीने से लेेकर नहाने, खाना बनाने, कपड़े धोने और अन्य कार्यों में गर्मियाें की अपेक्षा सर्दियों में पेयजल का कम इस्तेमाल होता है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए लोगों की सुविधा को देखते हुए पेयजल सप्लाई में बदलाव किया जाएगा।

पेयजल को संरक्षित रखने की कवायद
विभाग ने यह कदम पेयजल को संरक्षित रखने की बात को ध्यान मेें रखते हुए यह कदम उठाया है। दिनों दिन भूमिगत जल स्तर लगातार नीचे गिरता जा रहा है। इसको ध्यान में रखते हुए विभाग इस तरह के जरूरी कदम उठा रहा है। विभाग विभिन्न माध्यमों से लोगों को पेयजल के संरक्षण करने के लिए प्रेरित करता रहता है।

प्रतिदिन सवा लाख गैलन पेयजल सप्लाई
शहर में आबादी को ध्यान में रखते हुए प्रतिदिन सवा लाख गैलन लीटर पानी की आपूर्ति हो रही है। इस समय शहर में 175 ट्यूबवेल चालू हालत मेें हैं। आठ से 10 इंच का ट्यूबवेल प्रति मिनट के हिसाब से 600 से 800 लीटर प्रति मिनट (एलपीएम) पानी उपलब्ध करवाता है। इस तरह एक ट्यूबवेल हर रोज 400 गैलन से अधिक पानी उपलब्ध करवाता है। दोपहर के समय भी सप्लाई बंद रहने से हजारों गैलन पानी की बचत होगी।

वर्जन
शहरवासियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विभाग समय-समय पर किसी न किसी तरह से सुधार करता है। इसी कड़ी में अब सर्दियों को ध्यान में रखते हुए पेयजल सप्लाई के समय में फेरबदल किए जाएंगे। दोपहर के समय पेयजल सप्लाई बंद रहेगी। जहां पर किसी कारण से सुबह पानी सप्लाई प्रभावित होती है तो केवल ऐसी स्थिति में ही संबंधित क्षेत्र में दोपहर के समय पेयजल सप्लाई हो पाएगी। सर्दियों में सुबह के समय पांच से नौ और शाम को चार से 8:30 बजे तक पानी सप्लाई उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा शहरवासियों के सुविधानुसार समय मेें फेरबदल हो सकता है।
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एसके गर्ग, कार्यकारी अभियंता, जन स्वास्थ्य विभाग, पानीपत
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