पानीपत। बढ़ते प्रदूषण के साथ पूरा शहर स्मॉग की चादर में ढंक चुका है। एक्यूआई 444 पार जा चुका है। इसे कंट्रोल करने के लिए निगम अधिकारियों ने सोमवार को बैठक कर योजना बना ली है। इसमें मंगलवार से शहर में पानी का छिड़काव करने का फैसला लिया गया है। इसके लिए पानी के टैंकरों का इस्तेमाल होगा। यह टैंकर शहर की सभी मुख्य रास्तों पर पानी का छिड़काव करेंगे ताकि प्रदूषण के कणों को भिगो कर जमीन पर गिराया जा सके और स्मॉग के दुष्प्रभाव को कम किया जा सके।
पिछले एक सप्ताह से शहर के लोग स्मॉग से परेशान हैं। इसके लिए पहले दमकल विभाग पानी की बौछरों से कंट्रोल किया करता था। अब दमकल विभाग ने इस काम से हाथ पीछे खींच लिए हैं तो इसकी कमान निगम ने संभाली है। पिछले कई दिनों से चुनाव में व्यस्त होने और छुट्टियों की वजह से अधिकारी इस पर प्लानिंग नहीं बना सके। इसे लेकर सोमवार को निगम अधिकारियों की एक आपात बैठक बुलाई गई, जिसमें शहर में पानी की छिड़काव की प्लानिंग पर मुहर लगी। अब ये काम मंगलवार सुबह से शुरू हो जाएगा।
अमर उजाला ने उठाया था मुद्दा
बढ़ते स्मॉग का मुद्दा अमर अजाला ने प्रमुखता से उठाया। इसे लेकर शहर के नेताओं और अफसरों से भी बातचीत की। इसके बाद निगम अधिकारियों ने इसके तोड़ का विकल्प तलाशा। जिस पर योजना भी बनाई गई। अब शहरवासियों को इससे निजात दिलाने की तैयारी की जा रही है।
10 लाख लोगों की आंखों में हो रही जलन, घुट रहा दम
शहर में मंगलवार को न्यूनतम एक्यूआई 132 रहा, इसकी औसत 208 मिली और अधिकतम मात्रा 444 दर्ज की गई। इससे शहर के करीब 10 लाख लोगों के स्वास्थ्य पर दुष्प्रभाव पड़ने लगा है। लाखों लोगों की आंखों में स्मॉग से जलन हो रही है। गले में खराश होने लगी हैं। निगम के पास इसे कंट्रोल करने के लिए न तो खुद की एंटी स्मॉग गन है, न वाटर स्प्रिंकलिंग मशीन। फायर ब्रिगेड की गाड़ियां तो हैं, लेकिन इनसे पानी की बौछारें भी नहीं हो पा रही हैं। इसके बाद अब वाटर टैंकरों का सहारा लिया जाएगा।
आज से शुरू होंगी पानी की बौछारें : निगम
स्मॉग को कंट्रोल करने के लिए वाटर टैंकरों का इस्तेमाल किया जाएगा। इनसे शहर की सड़कों पर पानी की बौछारें की जाएंगी। इसके अलावा निगम खुद की स्मॉग गन भी जल्द खरीदेगा। शहरवासियों को स्मॉग से परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
- रमेश कुमार, एसई, नगर निगम।